ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने 26 जुलाई 2026 को एक बड़ा फैसला लिया है। उन्होंने देश के उस इंफ्रास्ट्रक्चर को तेजी से फिर से बनाने का आदेश दिया है जो हाल ही में अमेरिका के हमलों में बुरी तरह बर्बाद हो गया था। राष्ट्रपति ने मंत्रालय के साथ बैठक कर उन सभी नुकसानों का जायजा लिया जिसमें रेलवे, पुल, बंदरगाह और सड़कों जैसी जरूरी चीजें शामिल हैं।

👉: Kuwait और Pakistan के बीच हुआ रक्षा समझौता, सैन्य ट्रेनिंग से लेकर खुफिया जानकारी साझा करने पर बनी सहमति

कानूनी कार्रवाई की तैयारी

राष्ट्रपति Pezeshkian ने अमेरिका के इन हमलों को ‘युद्ध अपराध’ बताया है। उन्होंने कहा है कि ईरान इस नुकसान के लिए अंतरराष्ट्रीय मंचों पर जाकर हर्जाने की मांग करेगा। सरकार का मुख्य लक्ष्य अब पड़ोसी देशों के साथ आवाजाही और व्यापारिक रास्तों को जल्द से जल्द फिर से शुरू करना है, ताकि देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल सके।

नई तकनीक के साथ होगा निर्माण

सरकार की योजना के अनुसार, बर्बाद हुए टर्मिनल और परिवहन तंत्र को अब अंतरराष्ट्रीय मानकों के हिसाब से बनाया जाएगा। इसमें स्मार्ट मैनेजमेंट, लॉजिस्टिक्स और नई तकनीकों का इस्तेमाल होगा। यह कोशिश की जा रही है कि ईरान एक बड़े ट्रांजिट हब के तौर पर अपनी पहचान बनाए रखे। युद्ध के बाद बने इस नाजुक सीजफायर के बीच ईरान अपने ट्रांसपोर्ट नेटवर्क को और ज्यादा सुरक्षित और मजबूत बनाने की दिशा में काम कर रहा है।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.