ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन ने देश में फिर से इंटरनेशनल इंटरनेट सेवा बहाल करने का बड़ा आदेश दिया है। इस देश में पिछले 87 दिनों से लगभग पूरी तरह से इंटरनेट ब्लैकआउट चल रहा था, जिससे आम जनता को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। ईरान के संचार मंत्रालय के अधिकारियों और सरकारी मीडिया आउटलेट मेहर न्यूज एजेंसी ने राष्ट्रपति के इस निर्देश की पुष्टि की है।
ईरान में क्यों बंद था इंटरनेट और कब शुरू हुआ था यह ब्लैकआउट?
ईरान में यह इंटरनेट ब्लैकआउट 28 फरवरी 2026 को शुरू हुआ था। ईरानी अधिकारियों ने इसका कारण इजरायल और अमेरिका की तरफ से देश पर हुए हमलों को बताया था। इससे पहले जनवरी 2026 में देशव्यापी सरकार विरोधी प्रदर्शनों के कारण भी इंटरनेट पर पाबंदियां लगाई गई थीं। इंटरनेट पर नजर रखने वाली वैश्विक संस्था नेटब्लॉक्स (NetBlocks) की रिपोर्ट के अनुसार, इस 87 दिनों के ब्लैकआउट के दौरान ईरान की इंटरनेट कनेक्टिविटी सामान्य से घटकर केवल 1% से 4% तक रह गई थी। इसे इतिहास का सबसे लंबा राष्ट्रव्यापी इंटरनेट ब्लैकआउट बताया गया है।
राष्ट्रपति के आदेश पर क्यों उठ रहे हैं सवाल?
राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन के इस फैसले के बाद ईरान में एक नया विवाद खड़ा हो गया है। ईरानी सेना (IRGC) से जुड़े एक मीडिया आउटलेट ने राष्ट्रपति प्रशासन के इस फैसले पर आपत्ति जताई है। उनका दावा है कि इंटरनेट पर पाबंदी सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल ने लगाई थी, इसलिए इसे हटाने का अधिकार भी केवल उसी काउंसिल के पास है। फिलहाल यह साफ नहीं हो पाया है कि देश में इंटरनेट पूरी तरह से कब और किस तकनीकी माध्यम से बहाल किया जाएगा।
इंटरनेट ब्लैकआउट के दौरान लोगों ने कैसे किया गुजारा?
इस लंबे ब्लैकआउट के दौरान ईरान के आम लोगों को दुनिया से जुड़ने के लिए काफी संघर्ष करना पड़ा। लोग सरकारी पाबंदियों से बचने के लिए बेहद महंगे और एडवांस वीपीएन (VPN) का इस्तेमाल कर रहे थे। कुछ एक्टिविस्ट देश में स्टारलिंक (Starlink) टर्मिनल भी लेकर आए ताकि इंटरनेट का इस्तेमाल किया जा सके। इस दौरान सरकार ने अलग-अलग लोगों के लिए इंटरनेट की अलग व्यवस्था की थी, जिसमें सरकारी समर्थकों के लिए ‘व्हाइट सिम कार्ड’ के जरिए मुफ्त इंटरनेट और व्यापारियों के लिए महंगी ‘इंटरनेट प्रो’ सर्विस शामिल थी।
Frequently Asked Questions (FAQs)
ईरान में इंटरनेट ब्लैकआउट कब शुरू हुआ था?
ईरान में इंटरनेट ब्लैकआउट 28 फरवरी 2026 को शुरू हुआ था, जिसे अधिकारियों ने इजरायल और अमेरिका के हमलों का परिणाम बताया था।
नेटब्लॉक्स के अनुसार इस ब्लैकआउट के दौरान कनेक्टिविटी कितनी बची थी?
नेटब्लॉक्स की रिपोर्ट के अनुसार, 87 दिनों के इस ब्लैकआउट के दौरान ईरान में इंटरनेट कनेक्टिविटी गिरकर सामान्य स्तर की केवल 1% से 4% तक ही रह गई थी।
इंटरनेट बंद होने के दौरान लोगों ने क्या तरीके अपनाए?
इंटरनेट पाबंदियों से बचने के लिए लोगों ने महंगे वीपीएन का इस्तेमाल किया और एक्टिविस्ट ने देश में स्टारलिंक टर्मिनलों की व्यवस्था की थी।