ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन ने क्षेत्रीय देशों के साथ शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व और आपसी सम्मान की अपनी मांग को एक बार फिर दोहराया है। हालांकि, इस शांति की अपील के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सख्त तेवर दिखाए हैं। ट्रंप ने साफ कहा है कि जब तक क्षेत्र में असली समझौता नहीं हो जाता, अमेरिकी सैन्य संसाधन ईरान के आसपास तैनात रहेंगे। 9 अप्रैल 2026 को हुए इन घटनाक्रमों ने खाड़ी देशों में रहने वाले लोगों और प्रवासियों के बीच हलचल बढ़ा दी है।
डोनाल्ड ट्रंप की चेतावनी और शांति वार्ता की शर्तें
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर अपनी रणनीति साफ कर दी है। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर दो सप्ताह के युद्धविराम का पूरी तरह पालन नहीं किया गया, तो फिर से हमले शुरू हो सकते हैं। ट्रंप ने इसके लिए कुछ प्रमुख शर्तें रखी हैं जो इस प्रकार हैं:
- होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को पूरी तरह और सुरक्षित तरीके से खोला जाए।
- जब तक कोई पक्का समझौता नहीं होता, अमेरिकी सेना ईरान के पास ही तैनात रहेगी।
- ईरान को युद्धविराम की शर्तों का कड़ाई से पालन करना होगा।
- इस्लामाबाद में 10 अप्रैल को होने वाली बातचीत पर दुनिया की नजरें टिकी हैं।
ईरान का पक्ष और क्षेत्र में ताजा स्थिति
ईरानी राष्ट्रपति का कहना है कि लेबनान में चल रहे सैन्य अभियानों के कारण मौजूदा शांति वार्ता का कोई मतलब नहीं रह जाता है। इसी बीच ईरान के भीतर से भी कड़े बयान सामने आए हैं। प्रथम उपराष्ट्रपति मोहम्मद रज़ा आरिफ ने अपनी सरकार को युद्ध और निर्माण की सरकार बताया है। 9 अप्रैल को हुई मुख्य घटनाओं का विवरण नीचे टेबल में दिया गया है:
| तारीख | प्रमुख घटनाक्रम |
|---|---|
| 9 अप्रैल 2026 | राष्ट्रपति पेज़ेशकियन ने शांति और आपसी सम्मान की मांग दोहराई। |
| 9 अप्रैल 2026 | ईरान के लावन और सिरी द्वीपों पर धमाकों की खबर मिली। |
| 9 अप्रैल 2026 | इस्लामबाद में ईरानी प्रतिनिधिमंडल बातचीत के लिए पहुंचा। |
| 9 अप्रैल 2026 | रूस ने अमेरिका-ईरान युद्धविराम को लेबनान तक बढ़ाने की मांग की। |
खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीय और अन्य प्रवासियों के लिए यह स्थिति महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे समुद्री रास्तों की सुरक्षा और तेल की कीमतों पर असर पड़ सकता है। होर्मुज जलडमरूमध्य का खुलना व्यापार के लिए बहुत जरूरी माना जाता है। फिलहाल सभी की निगाहें पाकिस्तान में होने वाली आगामी बातचीत पर है।
