ईरान के राष्ट्रपति पेज़ेशकियन का दावा: सरकार की बेहतर नीति से आम जनता तक नहीं पहुँचा युद्ध का असर

ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने बुधवार, 5 अगस्त 2026 को एक विशेष संबोधन में दावा किया है कि उनकी सरकार द्वारा अपनाई गई समन्वित शासन व्यवस्था और प्रभावी संकट प्रबंधन के चलते देश की आम जनता पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव से सुरक्षित रही। उन्होंने जोर देकर कहा कि देश के नागरिकों को इस युद्ध का एहसास तक नहीं हुआ और सामान्य जीवन पर इसका कोई सीधा असर नहीं पड़ा। उनके अनुसार, लोगों को केवल तब पता चला कि कुछ हुआ है जब उन्हें कहीं से जानकारी मिली या उन्होंने टेलीविजन पर युद्ध की खबरें देखीं।
प्रशासनिक समन्वय और जनता का धैर्य
राष्ट्रपति पेज़ेशकियन ने इस सफलता का पूरा श्रेय अपने प्रबंधकों, गवर्नरों और कैबिनेट मंत्रियों के आपसी तालमेल को दिया। उन्होंने बताया कि किस प्रकार चुनौतीपूर्ण समय में भी सरकार ने बिजली सुविधाओं और अन्य महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को सुरक्षित रखा। Masoud Pezeshkian के अनुसार, देश पर लगे अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों, वित्तीय दबाव, सैन्य खतरों और सूखे जैसी समस्याओं के बावजूद, राष्ट्रीय एकता और जनता के धैर्य ने ईरान को मजबूती से खड़ा रखा। पड़ोसी देशों के साथ मिलकर ईरान ने अपने सीमावर्ती इलाकों में अस्थिरता फैलाने की विदेशी कोशिशों को भी नाकाम किया है। यह जानकारी आधिकारिक रिपोर्टों और ANI News द्वारा दी गई जानकारी पर आधारित है।
नेतृत्व और आंतरिक स्थिति पर अपडेट
संबोधन के दौरान राष्ट्रपति ने यह भी स्वीकार किया कि ईरान के मौजूदा सर्वोच्च नेता Mojtaba Khamenei के साथ संवाद करना फिलहाल काफी मुश्किल हो गया है। Mojtaba Khamenei ने अपने पिता Ayatollah Ali Khamenei के उत्तराधिकारी के रूप में पद संभाला है, जिनकी मृत्यु फरवरी 2026 में अमेरिका और इजरायल द्वारा किए गए शुरुआती हमलों के दौरान हो गई थी। पेज़ेशकियन ने उन खबरों को पूरी तरह से खारिज किया जिनमें दावा किया गया था कि उन्होंने होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर अमेरिका के साथ संभावित समझौते पर कट्टरपंथी धड़ों के साथ विवाद के बाद इस्तीफा देने की धमकी दी थी।
फिलिस्तीन मुद्दे पर रुख
अपनी कूटनीतिक सक्रियता को जारी रखते हुए, राष्ट्रपति पेज़ेशकियन ने 5 अगस्त 2026 को हमास के राजनीतिक ब्यूरो के प्रमुख Khalil al-Hayya के साथ बातचीत की। इस चर्चा के दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि ईरान फिलिस्तीनी नेतृत्व द्वारा लिए गए फैसलों का पूरा समर्थन करता है, विशेष रूप से चल रही अप्रत्यक्ष बातचीत के संदर्भ में। सरकार का कहना है कि वे क्षेत्रीय मामलों में अपनी नीति को लेकर पूरी तरह अडिग हैं और आने वाले समय में भी इसी प्रकार के समन्वित दृष्टिकोण के साथ काम करते रहेंगे ताकि आम जनता को किसी भी तरह की बड़ी परेशानी का सामना न करना पड़े।