ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने दुनिया के सामने एक बड़ा संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में उपनिवेशवाद और शोषण की कोई जगह नहीं होगी। राष्ट्रपति ने साफ किया कि ईरान दूसरे देशों के साथ आपसी सम्मान और साझा हितों के आधार पर दोस्ती बढ़ाना चाहता है।
राष्ट्रपति पेज़ेशकियन ने क्या कहा और क्या है ईरान का नजरिया?
राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने 8 मई 2026 को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि ईरान की संस्कृति में सहनशीलता गहराई से बसी है और इस धरती का इतिहास हमेशा से जुल्म के खिलाफ लड़ाई का रहा है। राष्ट्रपति ने यह भी साफ किया कि ईरान अब उन पड़ोसी देशों को निशाना नहीं बनाएगा जब तक कि वहां से कोई हमला न हो। उन्होंने हाल ही में हुए कुछ हमलों के लिए माफी मांगी और इसका कारण सैन्य रैंक में हुई गलतफहमी को बताया। इसके अलावा, 7 मई को उन्होंने ईरान के सुप्रीम लीडर Mojtaba Khamenei से मुलाकात की और देश की आर्थिक तंगी पर चर्चा की जो युद्ध की स्थिति के कारण बढ़ गई है।
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव और संभावित शांति वार्ता
एक तरफ जहां शांति की बातें हो रही हैं, वहीं दूसरी तरफ Strait of Hormuz में तनाव बढ़ गया। 8 मई 2026 को अमेरिका और ईरान की नौसेना के बीच झड़प हुई जिसमें अमेरिकी सेना ने ईरान के दो तेल टैंकरों को निष्क्रिय कर दिया और कई व्यापारिक जहाजों का रास्ता बदला। ईरान ने आरोप लगाया कि अमेरिका ने युद्धविराम का उल्लंघन किया है। इसी बीच ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने अमेरिका की सैन्य हरकतों की आलोचना की और कहा कि ईरान दबाव के आगे नहीं झुकेगा।
तनाव के बावजूद यह खबर आई है कि अमेरिका और ईरान अगले हफ्ते पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में फिर से बातचीत कर सकते हैं। इस बातचीत का मकसद 14 पॉइंट के एक समझौते (MoU) के जरिए संघर्ष को खत्म करना है। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने भी ईरान के जवाब का इंतजार करने की बात कही है और ईरान के विदेश मंत्रालय ने पुष्टि की है कि वे अमेरिकी प्रस्ताव की जांच कर रहे हैं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत कहाँ होने वाली है?
दोनों देशों के बीच बातचीत पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में हो सकती है। यह बातचीत अगले हफ्ते शुरू होने की उम्मीद है जिसमें 14 पॉइंट के एक समझौते पर चर्चा होगी।
Strait of Hormuz में अमेरिका और ईरान के बीच क्या हुआ?
8 मई 2026 को दोनों देशों की नौसेना के बीच झड़प हुई। अमेरिकी सेना ने ईरान के दो तेल टैंकरों को रोक दिया और कई जहाजों का रास्ता बदला, जिसे ईरान ने युद्धविराम का उल्लंघन बताया।