ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने पश्चिम एशिया में इसराइल की हरकतों और उस पर दुनिया की चुप्पी को लेकर बड़ा सवाल उठाया है। उन्होंने इसराइल के हमलों की कड़ी निंदा की और इसमें अमेरिका की मदद को गलत बताया। राष्ट्रपति ने कहा कि इलाके में कई बड़े वैज्ञानिकों और बुद्धिजीवियों की जान ली गई है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं चुप बैठी हैं।

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अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं की विफलता पर उठाए सवाल

5 जुलाई 2026 को तेहरान में आयोजित एक सम्मेलन में Pezeshkian ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं मानवाधिकारों की बातें तो करती हैं, लेकिन असल में वे नाकाम साबित हुई हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इसराइल खुलेआम हत्याओं और टारगेट किलिंग की बात करता है, फिर भी वैश्विक संगठन चुप हैं। उन्होंने कहा कि इन संस्थाओं से उम्मीद थी कि वे ऐसे हमलों को रोकेंगे, लेकिन इसके बजाय इसराइल को राजनीतिक और लॉजिस्टिक मदद मिल रही है।

सुप्रीम लीडर की मौत और अंतरराष्ट्रीय कानून

राष्ट्रपति ने बताया कि इसराइल ने क्षेत्र के कई देशों पर हमले किए हैं और मिडिल ईस्ट में अस्थिरता के लिए वही जिम्मेदार है। उन्होंने 28 फरवरी 2026 को अमेरिका और इसराइल द्वारा किए गए उन संयुक्त हमलों का जिक्र किया, जिसमें सुप्रीम लीडर Ayatollah Seyed Ali Khamenei और कई अन्य ईरानी नागरिकों की मौत हुई थी। Pezeshkian ने इसे संयुक्त राष्ट्र चार्टर और अंतरराष्ट्रीय कानूनों का खुला उल्लंघन बताया। उन्होंने इन हमलों को मुसलमानों के खिलाफ एक खुली जंग करार दिया।

कानूनी कार्रवाई की तैयारी

President Pezeshkian ने साफ किया कि ईरान अब अंतरराष्ट्रीय मंचों पर कानूनी और राजनयिक रास्ता अपनाएगा ताकि जिम्मेदार देशों और उनके समर्थकों को जवाबदेह ठहराया जा सके। उन्होंने गाजा में इसराइल की सैन्य कार्रवाई को ‘नरसंहार’ और ‘मानवता के खिलाफ अपराध’ बताया। ईरान का कहना है कि नागरिक केंद्रों को निशाना बनाना और मासूम लोगों की हत्या करना अंतरराष्ट्रीय नियमों के खिलाफ है और इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.