ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने अमेरिका के साथ हो रही बातचीत को लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने साफ किया कि ये सारी कूटनीति देश के तय नियमों और नए सुप्रीम लीडर Mojtaba Khamenei की देखरेख में हो रही है. राष्ट्रपति ने उन आरोपों को खारिज कर दिया कि उनकी सरकार बिना मंजूरी के अमेरिका से बात कर रही है.

राष्ट्रपति Pezeshkian ने विस्तार से बताया कि सुप्रीम लीडर ने बातचीत के लिए एक शर्त रखी थी. शर्त यह थी कि अगर सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल (SNSC) के तीन-चौथाई सदस्य सहमत हों, तभी प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाए. राष्ट्रपति के अनुसार, काउंसिल के 13 सदस्यों में से 12 ने इस बातचीत का समर्थन किया और इस पर गहराई से चर्चा भी की.

नेतृत्व में बदलाव और नया मार्गदर्शन

ईरान में नेतृत्व का यह बदलाव पिछले साल हुआ था. पूर्व सुप्रीम लीडर Ayatollah Ali Khamenei की मौत फरवरी या मार्च 2026 के आसपास एक हवाई हमले में हुई थी. इसके बाद 8 मार्च 2026 को उनके बेटे Mojtaba Khamenei ने तीसरे सुप्रीम लीडर के तौर पर पद संभाला. राष्ट्रपति Pezeshkian ने जोर देकर कहा कि उनकी सरकार नए सुप्रीम लीडर के रणनीतिक मार्गदर्शन में काम कर रही है और किसी भी नीति से विचलन नहीं हुआ है.

दोहा में हुई गुप्त बातचीत

हाल ही में 1 जुलाई 2026 को कतर की राजधानी दोहा में अमेरिका और ईरान के अधिकारियों के बीच अप्रत्यक्ष बातचीत हुई. इस चर्चा में कतर और पाकिस्तान ने बीच-बचाव का काम किया. बैठक के दौरान इन मुख्य बिंदुओं पर बात हुई:

  • होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) की समुद्री सुरक्षा.
  • एक स्थायी युद्धविराम की स्थापना.
  • ईरान की 6 अरब डॉलर की जमी हुई संपत्ति को वापस जारी करना.

इस बातचीत को लेकर दोनों देशों के बयानों में अंतर देखा गया है. अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने इन मुलाकातों को बहुत अच्छा बताया और प्रगति का संकेत दिया. दूसरी ओर, ईरान ने अमेरिका के साथ सीधी बातचीत से इनकार किया है और कहा है कि वह केवल मध्यस्थों के जरिए ही बात करना चाहता है. ईरान की मांग है कि आगे बढ़ने से पहले पहले से तय युद्धविराम समझौते को पूरी तरह लागू किया जाए.