ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने देश की सुरक्षा और सम्मान को लेकर बहुत सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने साफ कर दिया है कि ईरान अपनी आज़ादी और अपनी सरहदों की हिफाज़त के लिए पूरी तरह तैयार है। IRNA न्यूज़ एजेंसी के मुताबिक, राष्ट्रपति ने कहा कि देश की गरिमा और संप्रभुता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
देश की आज़ादी और सुरक्षा पर कड़ा रुख
राष्ट्रपति Pezeshkian ने कहा कि ईरान अपनी स्वतंत्रता और क्षेत्रीय अखंडता की मज़बूती से रक्षा करेगा। उन्होंने बताया कि बाहरी दबावों और धमकियों के बावजूद ईरानी लोग एक साथ खड़े हैं। राष्ट्रपति के अनुसार, राष्ट्रीय एकता ही इस समय ईरान की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने यह भी साफ किया कि ईरान युद्ध नहीं चाहता, लेकिन अगर हमला हुआ तो वह हथियार नहीं डालेगा।
सरकार की प्राथमिकताएं और बड़ी चुनौतियां
राष्ट्रपति ने सरकार के कुछ मुख्य लक्ष्यों के बारे में बात की। इनमें शासन व्यवस्था को सुधारना, स्वास्थ्य सेवाएं, अर्थव्यवस्था और सामाजिक विकास शामिल हैं। उन्होंने कुछ गंभीर समस्याओं का भी ज़िक्र किया जो देश के सामने हैं।
- बुनियादी समस्याएं: पानी, बिजली, गैस, ऊर्जा और बैंकिंग सिस्टम में काफी असंतुलन है।
- बाहरी चुनौतियां: राष्ट्रपति ने अमेरिका और इसराइल द्वारा ईरान पर थोपे गए युद्धों को एक बड़ी चुनौती बताया और कहा कि जनता के सहयोग से इन्हें संभाला जा रहा है।
- विज्ञान और शिक्षा: उन्होंने कहा कि यूनिवर्सिटी और वैज्ञानिक केंद्र देश की समस्याओं को सुलझाने और सामाजिक अन्याय को खत्म करने में बड़ी भूमिका निभाएंगे।
बाहरी हमलों और बातचीत पर विचार
Pezeshkian ने कहा कि ईरान के सैन्य कमांडरों और वैज्ञानिकों पर होने वाले हमले देश की तरक्की को रोकने की एक सोची-समझी साजिश हैं। उन्होंने बताया कि ईरान सम्मानजनक बातचीत के लिए तैयार है, लेकिन वह धमकियों के आगे नहीं झुकेगा और न ही किसी दबाव में आएगा।
