Iran News: राष्ट्रपति पेजेशकियन का बड़ा बयान, बातचीत से हल निकलेगा पर घुटने नहीं टेकेंगे

ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने एक महत्वपूर्ण बयान में स्पष्ट किया है कि उनका देश बातचीत के जरिए अपने अधिकारों की रक्षा करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने जोर देकर कहा कि ईरान किसी भी दबाव में आकर समर्पण नहीं करेगा। यह जानकारी ANI News द्वारा साझा की गई है। उन्होंने सरकार द्वारा अमेरिका के साथ युद्ध समाप्त करने के लिए हस्ताक्षरित मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (MoU) का बचाव किया।
समझौते पर सरकार की स्थिति
राष्ट्रपति ने स्पष्ट किया कि ईरान अपने वादों का पालन करने के लिए तैयार है, बशर्ते अमेरिका भी अपने हिस्से की शर्तों को पूरा करे। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि अगर दूसरी तरफ से प्रतिबद्धता में कमी आती है, तो ईरान भी अपने वादे निभाने के लिए बाध्य नहीं रहेगा। इसके अलावा, उन्होंने अपने इस्तीफे की खबरों को पूरी तरह से खारिज कर दिया और कहा कि वह पूरी मजबूती के साथ अपना काम जारी रखेंगे। उन्होंने घरेलू स्तर पर MoU का विरोध करने वालों की आलोचना करते हुए कहा कि ये लोग केवल इजरायल का एजेंडा चला रहे हैं।
Qeshm Island में विस्फोटों की जानकारी
इस बीच, ईरान के दक्षिणी हिस्से में स्थित Qeshm Island पर बीते गुरुवार की रात को दो धमाकों की आवाज सुनी गई। यह घटना 6 अगस्त को रात लगभग 9:40 बजे (स्थानीय समय) पर हुई। अर्ध-सरकारी Tasnim News Agency ने सूत्रों के हवाले से बताया कि यह आवाज ईरान की नौसेना और कुछ दुश्मन लक्ष्यों के बीच आमना-सामना होने के कारण आई थी। हालांकि, होर्मोज़गन प्रांत के डिप्टी गवर्नर Ahmad Nafisi ने बताया कि आधिकारिक तौर पर क्यूशम द्वीप या बंदर अब्बास में किसी हमले की पुष्टि नहीं हुई है। प्रशासन अभी भी इस बात की जांच कर रहा है कि आखिर धमाके की असली वजह क्या थी।
क्षेत्रीय शांति और कूटनीतिक प्रयास
ये गतिविधियां ऐसे समय में हो रही हैं जब ईरान और अमेरिका के बीच जून में हुए MoU को लेकर 60 दिनों की बातचीत चल रही है। ओमान के साथ मिलकर तेहरान होर्मूज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने की दिशा में भी काम कर रहा है। इस योजना के तहत जहाजों के लिए नए रूट तय किए जा रहे हैं, जिसे जल्द ही ईरान की Supreme National Security Council की मंजूरी मिलने की उम्मीद है। ये घटनाक्रम खाड़ी क्षेत्र की सुरक्षा के लिहाज से बेहद अहम हैं क्योंकि इसका सीधा असर व्यापारिक जहाजों और वहां काम करने वाले प्रवासी कामगारों की सुरक्षा पर पड़ता है।