ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने एक बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने माना कि देश के अंदर लोग मौजूदा हालात से खुश नहीं हैं और सरकार के खिलाफ कई शिकायतें और आलोचनाएं हो रही हैं। राष्ट्रपति ने कहा कि उनका सबसे बड़ा लक्ष्य अब देश को टूटने से बचाना और लोगों के बीच एकता बनाए रखना है।
ईरान में नाराजगी क्यों है और अमेरिका का क्या रोल है?
राष्ट्रपति Pezeshkian ने बताया कि अमेरिका उनके देश पर लगातार दबाव बना रहा है। उन्होंने कहा कि अमेरिका की इस कोशिश के पीछे कुछ खास मकसद हैं:
- जनता में गुस्सा भरना: अमेरिका चाहता है कि ईरानी लोग अपनी सरकार से और ज्यादा नाराज हो जाएं।
- आर्थिक दबाव: आर्थिक तंगी बढ़ाकर देश की मजबूती को कम करना।
- अस्थिरता पैदा करना: लोगों को सड़कों पर उतारकर शासन व्यवस्था को कमजोर करना।
राष्ट्रपति ने ईरानी नागरिकों से अपील की है कि वे एकजुट रहें ताकि बाहरी ताकतें देश का फायदा न उठा सकें।
एकता बनाए रखने के लिए सरकार ने क्या किया?
देश के अंदरूनी हालात को सुधारने के लिए राष्ट्रपति ने कई कदम उठाए हैं। उन्होंने हाल ही में ईरानी सुप्रीम लीडर Mojtaba Khamenei के साथ करीब ढाई घंटे तक लंबी चर्चा की। इस मीटिंग के दौरान दोनों के बीच सीधा संवाद हुआ और आपसी भरोसे की बात हुई।
इससे पहले 23 अप्रैल 2026 को राष्ट्रपति और संसद अध्यक्ष Mohammad Bagher Ghalibaf ने एक साथ बयान जारी किया था। उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump के उन दावों को गलत बताया था जिसमें कहा गया था कि ईरान की लीडरशिप आपस में बंटी हुई है।
अमेरिका के साथ बातचीत और फ्रांस की भूमिका
युद्ध को खत्म करने के लिए ईरान ने अब बातचीत का रास्ता खुला रखा है। फ्रांस के राष्ट्रपति Emmanuel Macron के साथ फोन पर हुई बातचीत में Masoud Pezeshkian ने कहा कि ईरान अमेरिका के साथ फिर से बातचीत शुरू करने और युद्ध रोकने के लिए तैयार है। हालांकि, उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि इस प्रक्रिया में ईरानी लोगों के अधिकारों का पूरा ख्याल रखा जाना चाहिए।
Frequently Asked Questions (FAQs)
ईरान के राष्ट्रपति ने आंतरिक नाराजगी के बारे में क्या कहा?
राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने स्वीकार किया कि देश के अंदर सरकार के कामकाज को लेकर काफी शिकायतें और आलोचनाएं हैं, और अब उनकी प्राथमिकता देश में फूट पड़ने से रोकना है।
क्या ईरान अमेरिका के साथ दोबारा बातचीत करेगा?
हाँ, फ्रांस के राष्ट्रपति के साथ हुई बातचीत में ईरान ने संकेत दिया है कि वह युद्ध रोकने और अमेरिका के साथ बातचीत फिर से शुरू करने के लिए तैयार है, बशर्ते उनके लोगों के हक सुरक्षित रहें।