ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने कहा है कि देश की एकता और मजबूती ने दुश्मनों के उन सपनों को चकनाचूर कर दिया जिसमें वे ईरान को गिराना चाहते थे. उन्होंने बताया कि दुश्मन को लगा था कि ईरान कुछ ही दिनों में बिखर जाएगा, लेकिन जनता के साहस ने उन्हें गलत साबित कर दिया. यह जानकारी IRNA News Agency के जरिए सामने आई है.
40 दिनों का प्रतिरोध और जनता की भूमिका
राष्ट्रपति ने बताया कि ईरान के लोगों ने 40 दिनों तक जिस मजबूती से मुकाबला किया, उसने दुश्मनों को लाचार कर दिया. दुश्मन चाहते थे कि युद्ध और दबाव के जरिए देश में विद्रोह हो और सिस्टम गिर जाए. लेकिन ईरानी जनता की बहादुरी और उनकी मौजूदगी ने इस्लामिक सिस्टम को बचा लिया और विरोधियों को निराश किया.
बुनियादी ढांचे पर हमले और संकट का प्रबंधन
Masoud Pezeshkian के मुताबिक, बुनियादी ढांचे (infrastructure) को तबाह करने की धमकियों से भी लोगों का हौसला नहीं टूटा. इस मुश्किल घड़ी में संकट को संभालने के लिए मस्जिदों और सामाजिक क्षमताओं का बड़ा योगदान रहा. जनता की भागीदारी ने ही देश को इस कठिन दौर से बाहर निकालने में अहम भूमिका निभाई.
