ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशक्यान ने नौरोज़ के अवसर पर एक महत्वपूर्ण संदेश साझा किया है। सरकारी मीडिया की रिपोर्ट्स के अनुसार, राष्ट्रपति ने स्पष्ट किया है कि ईरान अपने पड़ोसी देशों के साथ किसी भी प्रकार का युद्ध नहीं चाहता है। उन्होंने यह भी दोहराया कि ईरान का इरादा परमाणु हथियार हासिल करने का बिलकुल नहीं है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब दुनिया भर की नज़रें मध्य पूर्व की सुरक्षा व्यवस्था पर टिकी हुई हैं।

राष्ट्रपति मसूद पेजेशक्यान के संदेश की मुख्य बातें क्या हैं?

राष्ट्रपति ने अपने नौरोज़ संदेश में शांति और स्थिरता पर ज़ोर दिया है। उन्होंने साफ़ तौर पर कहा कि ईरान की नीति अपने पड़ोसियों के साथ तनाव कम करने की है। नीचे दी गई बातों से उनके बयान को समझा जा सकता है:

  • ईरान किसी भी पड़ोसी देश के साथ सैन्य टकराव के पक्ष में नहीं है।
  • देश का परमाणु कार्यक्रम केवल शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए है।
  • परमाणु हथियार बनाने की इच्छा को राष्ट्रपति ने पूरी तरह से खारिज किया।
  • यह संदेश फारसी नव वर्ष के जश्न के दौरान दिया गया है।

खाड़ी देशों और प्रवासियों पर इस बयान का क्या असर होगा?

ईरान के इस रुख से खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा का माहौल बेहतर होने की उम्मीद है। सऊदी अरब, यूएई और कतर जैसे पड़ोसी देशों के साथ अच्छे रिश्ते क्षेत्र के विकास के लिए ज़रूरी हैं। वहां रहने वाले लाखों भारतीय प्रवासियों के लिए भी यह खबर सुकून देने वाली है। जब क्षेत्र में शांति रहती है, तो व्यापार और नौकरियों पर सकारात्मक असर पड़ता है। फिलहाल इस बयान को अंतरराष्ट्रीय मंच पर ईरान की छवि सुधारने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.