ट्रंप के दावों पर भड़के ईरान के राष्ट्रपति पेजेशकियन, बोले अमेरिका की नीतियां हैं असली समस्या
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है. ट्रंप ने दावा किया कि ईरान का नेतृत्व बंटा हुआ है, जिस वजह से उन्होंने संघर्ष विराम बढ़ाने का फैसला किया. इस पर पलटवार करते हुए पेजेशकियन ने कहा कि असली समस्या ईरान नहीं बल्कि अमेरिका की नीतियां हैं. दोनों देशों के बीच तनाव इस समय काफी बढ़ गया है.
ट्रंप ने क्या दावा किया और अमेरिका ने क्या कदम उठाए?
डोनाल्ड ट्रंप ने पाकिस्तान की अपील पर ईरान के साथ संघर्ष विराम को आगे बढ़ाया है ताकि ईरान एक एकीकृत योजना पेश कर सके. ट्रंप ने दावा किया कि ईरानी सरकार अंदरूनी तौर पर बंटी हुई है. उन्होंने अमेरिकी सेना को ईरान की नाकेबंदी जारी रखने और युद्ध के लिए पूरी तरह तैयार रहने का आदेश दिया है. ट्रंप का यह भी दावा है कि अमेरिकी सेना दो से तीन सप्ताह में ईरान छोड़ देगी क्योंकि वहां कई मिसाइल ठिकाने नष्ट कर दिए गए हैं.
राष्ट्रपति पेजेशकियन ने ट्रंप को कैसे जवाब दिया?
पेजेशकियन ने साफ कहा कि ईरानी लोग किसी भी दबाव या ज़ोर-जबरदस्ती के आगे नहीं झुकेंगे. उन्होंने अमेरिकी जनता को एक खुला पत्र लिखा और कहा कि विवाद सरकारों के बीच है, लोगों के बीच नहीं. ईरान ने अमेरिका के साथ शांति वार्ता के दूसरे दौर में शामिल होने से मना कर दिया है. पेजेशकियन ने अमेरिकी नाकेबंदी को संघर्ष विराम का उल्लंघन बताया और कहा कि अमेरिका के वादे और उसके काम आपस में मेल नहीं खाते.
होर्मुज जलडमरूमध्य और परमाणु अधिकारों पर क्या स्थिति है?
ईरान ने स्पष्ट किया है कि उसका यूरेनियम उसकी मिट्टी से बाहर नहीं जाएगा और ट्रंप को परमाणु अधिकारों से वंचित करने का कोई हक नहीं है. अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने 13 अप्रैल 2026 से ईरानी बंदरगाहों के पास नौसैनिक नाकेबंदी लागू की थी. हालांकि, रिपोर्ट्स के मुताबिक होर्मुज जलडमरूमध्य फिर से खुल गया है जिससे कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आई है. अब पाकिस्तान की मध्यस्थता में शांति वार्ता फिर से शुरू होने की उम्मीद है.