मई 25, 2026 को ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन ने अमेरिका के साथ चल रही बातचीत को लेकर एक बड़ा बयान दिया है। पाकिस्तान की मध्यस्थता में हो रही इस बातचीत के दौरान उन्होंने साफ कहा कि ईरान किसी भी दुश्मन की नाजायज मांगों के आगे नहीं झुकेगा। इस बातचीत का मुख्य मकसद ईरान के नागरिकों के अधिकारों की पूरी सुरक्षा करना है। ईरान की सरकार ने स्पष्ट किया है कि देश के मान-सम्मान के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत में क्या है मुख्य मुद्दा?

राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन ने ईरान चैंबर ऑफ कॉमर्स, इंडस्ट्रीज, माइन्स एंड एग्रीकल्चर में बोलते हुए कहा कि वे दुनिया को यह भरोसा देने के लिए तैयार हैं कि ईरान परमाणु हथियार नहीं बनाना चाहता है। उन्होंने अमेरिकी धमकियों को महज एक भ्रम बताया और कहा कि युद्ध के बजाय आपसी सम्मान के साथ कूटनीति का रास्ता अपनाना ज्यादा सुरक्षित और टिकाऊ है। उन्होंने कहा कि कोई भी फैसला सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल और देश के सर्वोच्च नेता की अनुमति के बिना नहीं लिया जाएगा।

बातचीत में देरी और आर्थिक चुनौतियों पर क्या बोले राष्ट्रपति?

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराक्ची ने संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस से बातचीत में अमेरिका पर बातचीत को अटकाने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि अमेरिका लगातार विरोधाभासी रुख अपना रहा है। राष्ट्रपति पेज़ेशकियन ने माना कि सेना के मोर्चे पर नाकामी के बाद अब दुश्मन ने आर्थिक युद्ध शुरू कर दिया है। सरकार और देश का प्राइवेट सेक्टर मिलकर इस आर्थिक चुनौती का सामना करेंगे। इसके साथ ही उन्होंने साफ किया कि हालांकि कई मुद्दों पर सहमति के करीब पहुंचे हैं, लेकिन अभी कोई अंतिम समझौता तुरंत होने की उम्मीद नहीं है।

तनाव और पाकिस्तान की मध्यस्थता का क्या है असर?

इस साल फरवरी में अमेरिका और इसराइल के हवाई हमलों के बाद ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई की थी, जिसके बाद हॉरमज जलडमरूमध्य को बंद कर दिया गया था। इससे पूरी दुनिया में कच्चे तेल और गैस की सप्लाई पर बड़ा असर पड़ा था। इसके बाद पाकिस्तान की मध्यस्थता से 8 अप्रैल को युद्धविराम लागू हुआ, जिसे बाद में आगे बढ़ा दिया गया। फिलहाल पाकिस्तान दोनों देशों के बीच बातचीत कराने में मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन ने अमेरिका के साथ बातचीत पर क्या कहा?

उन्होंने साफ किया कि ईरान अपनी गरिमा और अधिकारों की रक्षा करेगा और अमेरिका की किसी भी अनुचित मांग के आगे नहीं झुकेगा।

दोनों देशों के बीच जारी तनाव में मध्यस्थता कौन कर रहा है?

पाकिस्तान दोनों देशों के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है, जिसके प्रयासों से अप्रैल में युद्धविराम लागू हुआ था और बातचीत शुरू हुई।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com