ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन ने कहा कि देश के लोगों के हौसले और मजबूती की वजह से हमलावरों को पीछे हटना पड़ा। उन्होंने 40 दिन चले युद्ध का जिक्र करते हुए बताया कि कैसे ईरानी जनता की अटूट इच्छाशक्ति ने दुश्मनों को हार मानने पर मजबूर किया। यह बात उन्होंने संस्कृति और इस्लामी मार्गदर्शन मंत्रालय के अधिकारियों के साथ एक बैठक के दौरान कही।

राष्ट्रपति पेज़ेशकियन ने हमलावरों पर क्या आरोप लगाए?

राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन ने अमेरिका और इसराइल की सेनाओं पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि इन ताकतों ने युद्ध के दौरान स्कूलों, अस्पतालों और जरूरी बुनियादी ढांचों को निशाना बनाया। राष्ट्रपति के मुताबिक, यह मानवीय अधिकारों और युद्ध के नियमों का खुला उल्लंघन था। उन्होंने साफ किया कि बढ़ती धमकियों से ईरानी जनता डरी नहीं, बल्कि उनकी जिम्मेदारी और समाज के प्रति लगाव और बढ़ गया।

क्षेत्र में चल रही अन्य हलचल और नए अपडेट

ईरान और अमेरिका के बीच तनाव के बीच कई बड़ी खबरें सामने आई हैं। पाकिस्तान के सेना प्रमुख ने तनाव कम करने के लिए तेहरान का दौरा किया ताकि अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत आगे बढ़ सके। वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि ईरान परमाणु समझौता करने को तैयार है। अमेरिका ने ईरान के तटों पर अपनी सैन्य ताकत भी बढ़ाई है ताकि नाकेबंदी की जा सके।

घटना विवरण
अमेरिकी सेना 10,000 जवान, 12 जहाज और 100 विमान तैनात किए गए
डोनाल्ड ट्रंप का दावा ईरान अपना परमाणु अवशेष अमेरिका को लौटाने पर राजी हुआ
पाकिस्तान की भूमिका सेना प्रमुख ने तनाव घटाने के लिए तेहरान में बैठक की
अमेरिकी प्रतिबंध ट्रेजरी सचिव ने नए आर्थिक प्रतिबंध लगाने का संकेत दिया
लेबनान अपडेट इसराइल और लेबनान के बीच युद्धविराम की खबरें आईं
Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.