ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियान ने देश की आर्थिक स्थिति को लेकर एक बड़ा और महत्वपूर्ण बयान दिया है। उन्होंने स्पष्ट रूप से स्वीकार किया है कि थोपे गए युद्ध, अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों और आर्थिक नाकेबंदी के गंभीर असर से ईरान की अर्थव्यवस्था अछूती नहीं है। सरकारी समाचार एजेंसी आईआरएनए (IRNA) के अनुसार, राष्ट्रपति ने देश के विभिन्न वर्गों और अधिकारियों के साथ हुई बैठकों में वर्तमान आर्थिक चुनौतियों पर खुलकर चर्चा की है और बताया है कि ईरान इस समय एक बड़े आर्थिक संकट का सामना कर रहा है।

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ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियान ने क्या चेतावनी दी?

राष्ट्रपति ने देश की जनता और अधिकारियों को आने वाले समय के लिए सतर्क रहने को कहा है। उन्होंने बताया कि विदेशी ताकतों ने अब अपना ध्यान सैन्य मोर्चे से हटाकर आर्थिक युद्ध पर केंद्रित कर दिया है। उनके मुख्य बयान और चेतावनियां इस प्रकार हैं:

  • बुनियादी ढांचे को नुकसान: देश के गैस बुनियादी ढांचे, बिजली घरों, पेट्रोकेमिकल संयंत्रों और बड़े औद्योगिक केंद्रों को काफी नुकसान पहुंचा है।
  • तेल निर्यात में बाधा: कड़े प्रतिबंधों और क्षेत्रीय दबावों के कारण ईरान के लिए तेल का निर्यात करना और उससे मिलने वाले राजस्व को सुरक्षित रखना लगातार कठिन होता जा रहा है।
  • महंगाई और कमी की आशंका: राष्ट्रपति ने साफ शब्दों में कहा कि देश में युद्ध जैसी स्थिति और ऊर्जा क्षेत्र पर बढ़ते दबाव के कारण नागरिकों को आने वाले समय में महंगाई और जरूरी चीजों की कमी का सामना करना पड़ सकता है।

मुश्किल हालात से निपटने के लिए ईरान की क्या है नई तैयारी?

राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियान ने स्पष्ट किया कि पुरानी प्रशासनिक प्रणालियों और पुराने तौर-तरीकों से इस समय जारी जटिल आर्थिक संकट को हल नहीं किया जा सकता है। इसके लिए उन्होंने कुछ महत्वपूर्ण रणनीतिक बदलावों की घोषणा की है:

  • निजी क्षेत्र को बढ़ावा: सरकार व्यापारियों और निजी क्षेत्र के मार्ग में आने वाली सभी बाधाओं को दूर करेगी क्योंकि निजी क्षेत्र ही इस आर्थिक युद्ध में देश का सबसे मजबूत स्तंभ है।
  • प्रबंधन में नए बदलाव: सरकारी अधिकारियों को अब रचनात्मक विचारों, विशेषज्ञों की सलाह और आम जनता की क्षमता का उपयोग करते हुए काम करना होगा।
  • एकता और सटीक निर्णय: राष्ट्रपति ने कहा कि अतीत में अमेरिकी और इजरायली प्रतिबंधों के बावजूद सटीक फैसलों और देश के सर्वोच्च नेता के समर्थन के कारण जरूरी चीजों की भारी किल्लत नहीं होने दी गई और आगे भी एकजुटता ही सबसे बड़ी ताकत होगी।

Frequently Asked Questions (FAQs)

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियान ने देश की अर्थव्यवस्था को लेकर क्या कहा है?

उन्होंने कहा कि थोपे गए युद्ध, प्रतिबंधों और नाकेबंदी के कारण ईरान की अर्थव्यवस्था पर सीधा असर पड़ रहा है, जिससे गैस और बिजली के बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा है और तेल निर्यात में दिक्कतें आ रही हैं।

इस आर्थिक संकट से निपटने के लिए ईरान सरकार क्या कदम उठा रही है?

ईरान सरकार पुराने तरीकों को छोड़कर नए प्रशासनिक विचारों को अपना रही है, निजी क्षेत्र की बाधाओं को दूर कर रही है और देश के आंतरिक संसाधनों व विशेषज्ञों की मदद ले रही है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.