ईरान के राष्ट्रपति Dr. Masoud Pezeshkian ने साफ कर दिया है कि उनका देश क्षेत्रीय और पड़ोसी देशों के साथ कोई युद्ध या संघर्ष नहीं चाहता है। IRNA News Agency की 11 मार्च 2026 की रिपोर्ट के अनुसार, राष्ट्रपति ने स्पष्ट किया कि जब तक पड़ोसी देशों की जमीन का इस्तेमाल ईरान पर हमले के लिए नहीं होता, तब तक उन पर कोई कार्रवाई नहीं होगी। इसके साथ ही ईरान की सरकार ने अमेरिका के बिना शर्त सरेंडर की मांग को भी सिरे से खारिज कर दिया है।

पड़ोसी देशों से मांगी माफी और नया नियम

राष्ट्रपति Pezeshkian ने मार्च की शुरुआत में हुए हमलों के लिए पड़ोसी देशों से औपचारिक माफी मांगी है। उन्होंने बताया कि यह हमला किसी सरकारी नीति के तहत नहीं था, बल्कि सेना के अंदर सही सूचना न पहुंचने के कारण गलती से हुआ था। इस बीच ईरान की Interim Leadership Council ने एक नया नियम पास किया है।

  • ईरान तब तक किसी पड़ोसी देश पर मिसाइल या ड्रोन नहीं दागेगा, जब तक वहां से ईरान पर हमला न हो।
  • क्षेत्रीय व्यापार और सुरक्षा को स्थिर करने के लिए पड़ोसी देशों से सहयोग की मांग की गई है।
  • पड़ोसी देशों की सीमा में चल रहे आतंकी गुटों पर लगाम लगाने की अपील की गई है।

रूस के राष्ट्रपति Putin से बातचीत और नुकसान का आंकड़ा

हाल ही में राष्ट्रपति Pezeshkian ने रूस के राष्ट्रपति Vladimir Putin से फोन पर बात की है। इस बातचीत में Putin ने ईरान के सुप्रीम लीडर और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की मौत पर अपनी संवेदना व्यक्त की। दोनों नेताओं ने इस तनाव को खत्म करने और कूटनीतिक रास्ता अपनाने पर सहमति जताई है।

दूसरी तरफ, संयुक्त राष्ट्र में ईरान के राजदूत Amir Saeid Iravani ने आधिकारिक तौर पर नुकसान की जानकारी साझा की है। उन्होंने बताया कि अमेरिका और इजरायल द्वारा किए जा रहे हवाई हमलों में अब तक 1,332 ईरानी आम नागरिकों की जान जा चुकी है। इसके अलावा US Central Command (CENTCOM) की तरफ से ईरान के अंदर हमले तेज कर दिए गए हैं, जिसका ईरान विरोध कर रहा है और शांति के लिए कई देशों के प्रयासों का समर्थन कर रहा है।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.