ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने देश की सुरक्षा को लेकर एक बड़ा कदम उठाया है. उन्होंने साफ कह दिया है कि सेना को मजबूत करने के लिए सरकार अपनी पूरी ताकत और पैसा लगाएगी. यह फैसला ऐसे समय में आया है जब ईरान और अमेरिका के बीच संबंध बहुत खराब चल रहे हैं और माहौल काफी तनावपूर्ण है.
राष्ट्रपति Pezeshkian ने सेना के लिए क्या वादे किए?
राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने Army Commander Major General Amir Hatami के साथ एक हाई-लेवल मीटिंग की. इस दौरान उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय एकता और सैन्य ताकत ही देश की सुरक्षा के मुख्य आधार हैं. सरकार डिफेंस पॉलिसी, हथियारों के आधुनिकीकरण और सैनिकों की तैयारी को बेहतर बनाने के लिए हर संभव मदद करेगी. राष्ट्रपति ने सेना की तैयारियों की तारीफ की और भरोसा दिलाया कि रक्षा क्षमताओं और लॉजिस्टिक सपोर्ट को बढ़ाने के लिए सरकारी खजाने का पूरा इस्तेमाल होगा.
ईरान में इस समय क्या हालात हैं और अमेरिका से क्या विवाद है?
- युद्ध का असर: फरवरी 2026 में अमेरिका और इसराइल के गठबंधन ने 40 दिनों तक युद्ध चलाया था, जिसका सीज़फायर 8 अप्रैल 2026 को हुआ था.
- यूरेनियम विवाद: सुप्रीम लीडर Mojtaba Khamenei ने आदेश दिया है कि यूरेनियम का स्टॉक ईरान में ही रहेगा, जबकि अमेरिका इसे हटाने की मांग कर रहा था.
- डिप्लोमेटिक कोशिशें: पाकिस्तान के आर्मी चीफ दोनों देशों के बीच मतभेद दूर करने के लिए तेहरान जा सकते हैं.
- आर्थिक दबाव: राष्ट्रपति Pezeshkian ने अमेरिका के साथ बातचीत का समर्थन किया है क्योंकि युद्ध और प्रतिबंधों का असर देश की अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा है.
Frequently Asked Questions (FAQs)
राष्ट्रपति ने सेना के बारे में क्या घोषणा की है?
राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने सेना को मजबूत करने के लिए अधिकतम सरकारी संसाधनों का उपयोग करने और हथियारों के आधुनिकीकरण का वादा किया है.
ईरान और अमेरिका के बीच तनाव की मुख्य वजह क्या है?
फरवरी 2026 में हुए 40 दिनों के युद्ध और यूरेनियम स्टॉकपाइल को ईरान में रखने के फैसले की वजह से दोनों देशों के बीच संबंध बहुत नाजुक हैं.
