ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने पोप फ्रांसिस (Pope Francis) के नैतिक रुख के लिए उनका धन्यवाद किया है। राष्ट्रपति ने साफ तौर पर कहा कि ईरान दुनिया के साथ बातचीत और कूटनीति के रास्ते पर चलने के लिए पूरी तरह तैयार है। यह खबर IRNA न्यूज़ एजेंसी के जरिए सामने आई है।
पोप फ्रांसिस को शुक्रिया और शांति की बात
राष्ट्रपति Pezeshkian ने पोप फ्रांसिस के नैतिक समर्थन की तारीफ की। उन्होंने कहा कि ईरान अपनी समस्याओं को सुलझाने के लिए डिप्लोमेसी यानी कूटनीति का रास्ता अपनाए रखेगा। उनका मानना है कि आपसी सम्मान और साझा हितों के आधार पर ही दुनिया में शांति लाई जा सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि आने वाले समय में शोषण और उपनिवेशवाद जैसी चीजों के लिए कोई जगह नहीं होगी।
अमेरिका के साथ बातचीत की शर्तें
- शर्तें: राष्ट्रपति ने कहा कि ईरान अमेरिका के साथ बातचीत फिर से शुरू कर सकता है, लेकिन इसके लिए अमेरिका को अपनी बड़ी मांगें छोड़नी होंगी।
- समुद्री सुरक्षा: उन्होंने मांग की कि अमेरिका को फारस की खाड़ी में ईरानी जहाजों के खिलाफ अपनी हरकतों को बंद करना होगा।
- अविश्वास: राष्ट्रपति ने यह भी माना कि वाशिंगटन के साथ बातचीत में सावधानी और अविश्वास रखना जरूरी है क्योंकि अमेरिका का रवैया अक्सर प्रतिकूल रहा है।
दूसरे देशों से संपर्क और क्षेत्रीय शांति
ईरान ने हाल के दिनों में कई बड़े देशों के साथ बातचीत की है। राष्ट्रपति Pezeshkian ने फ्रांस के राष्ट्रपति Emmanuel Macron और जापान के प्रधानमंत्री Sanae Takaichi से फोन पर चर्चा की। इस दौरान उन्होंने क्षेत्रीय मुद्दों और द्विपक्षीय संबंधों पर बात की। इसके अलावा, उन्होंने इराक को सिर्फ एक पड़ोसी नहीं बल्कि अपना भाई बताया और क्षेत्रीय स्थिरता के लिए मिलकर काम करने की बात कही।
Frequently Asked Questions (FAQs)
ईरान ने अमेरिका के साथ बातचीत के लिए क्या शर्त रखी है?
राष्ट्रपति Pezeshkian के मुताबिक, अमेरिका को अपनी अधिकतम मांगें छोड़नी होंगी और फारस की खाड़ी में ईरानी जहाजों के खिलाफ समुद्री डकैती बंद करनी होगी, तभी सार्थक बातचीत हो सकती है।
ईरान ने हाल ही में किन देशों के नेताओं से संपर्क किया?
ईरान के राष्ट्रपति ने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन और जापान के प्रधानमंत्री सानाए ताकाइची से फोन पर बात की, जिसमें क्षेत्रीय शांति और कूटनीतिक समाधानों पर चर्चा हुई।
