ईरान के राष्ट्रपति ने फ्रांस से मांगी मदद, लेबनान में हमले रुकवाने के लिए बड़ी भूमिका निभाने की अपील.
ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने फ्रांस के राष्ट्रपति Emmanuel Macron से फोन पर बात की है। इस बातचीत के दौरान ईरानी राष्ट्रपति ने फ्रांस से अपील की है कि वह लेबनान में जारी हिंसा को रुकवाने और वहां शांति बहाल करने के लिए अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाए। यह बातचीत ऐसे समय में हुई है जब मध्य पूर्व में तनाव काफी बढ़ गया है और ईरान ने क्षेत्र में शांति के लिए 10 सूत्रीय प्रस्ताव पेश किया है।
ईरान ने फ्रांस से क्या कहा है?
ईरानी राष्ट्रपति ने मैक्रों को बताया कि लेबनान में इसराइली हमलों को खत्म करना उनके शांति प्रस्ताव की सबसे पहली और मुख्य शर्त है। उन्होंने फ्रांस को याद दिलाया कि वह पहले भी लेबनान में युद्ध विराम के समझौतों में एक गारंटर के तौर पर अहम भूमिका निभा चुका है। पेजेश्कियन ने कहा कि ईरान बातचीत और कूटनीति के जरिए क्षेत्रीय शांति और स्थिरता हासिल करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने फ्रांस और अन्य यूरोपीय देशों से अपील की कि वे अमेरिका और इसराइल की हरकतों पर एक सख्त और जिम्मेदार रुख अपनाएं।
लेबनान में मौजूदा हालात और समझौते पर विवाद
यह बातचीत अमेरिका और ईरान के बीच हुए एक युद्ध विराम समझौते के ठीक एक दिन बाद हुई है। हालांकि, ईरान और पाकिस्तान जैसे देश कह रहे हैं कि इस समझौते में लेबनान भी शामिल है, लेकिन इसराइल का कहना है कि लेबनान इस समझौते का हिस्सा नहीं है। इसी विवाद के बीच गुरुवार 9 अप्रैल 2026 को इसराइली सेना ने लेबनान पर भारी हमले किए हैं।
| घटना का विवरण | ताजा आंकड़े |
|---|---|
| हमले की तारीख | 9 अप्रैल 2026 |
| मृतकों की संख्या | कम से कम 254 |
| घायलों की संख्या | लगभग 1,165 |
| प्रभावित क्षेत्र | लेबनान के विभिन्न इलाके |
लेबनानी सिविल डिफेंस की रिपोर्ट के अनुसार, इन हवाई हमलों ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई है। ईरान अब फ्रांस जैसे शक्तिशाली देशों की मदद से इस स्थिति को संभालने और लेबनान में हो रहे जानी नुकसान को रोकने की कोशिश में जुटा है।





