ईरान ने अमेरिका को कहा पाखंडी, बातचीत के लिए नाकाबंदी हटाने की शर्त रखी, राष्ट्रपति पेज़ेश्कीयन का बड़ा बयान
ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने अमेरिका पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि ईरान बातचीत और समझौते के लिए हमेशा तैयार रहा है, लेकिन अमेरिका का दोहरा रवैया और धमकियां इसमें बड़ी रुकावट हैं। राष्ट्रपति ने साफ किया कि जब तक अमेरिका अपनी नाकाबंदी खत्म नहीं करेगा, तब तक असली बातचीत होना मुश्किल है।
बातचीत में क्या आ रही है रुकावट?
राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने कहा कि अमेरिका की पाखंडी बातें और वादों से अलग काम करना बातचीत में बाधा बन रहा है। उन्होंने बताया कि नाकाबंदी और धमकियों की वजह से असली बातचीत नहीं हो पा रही है। ईरान का मानना है कि आपसी सम्मान और वादों को पूरा करना ही किसी भी समझौते की बुनियाद है और ईरानी लोग ताकत के आगे नहीं झुकेंगे।
सैन्य तैयारी और अन्य अधिकारियों का क्या कहना है?
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmail Baghaei ने शांति प्रयासों के लिए पाकिस्तान की कोशिशों की सराहना की। वहीं, UN में ईरान के राजदूत Amir Saeid Iravani ने कहा कि बातचीत शुरू करने से पहले अमेरिका को अपनी नौसेना की नाकाबंदी हटानी होगी। IRGC ने भी चेतावनी दी है कि अगर दोबारा हमला हुआ तो वे दुश्मन को ऐसा सरप्राइज देंगे जिसकी उसने कल्पना भी नहीं की होगी।
हाल के घटनाक्रम और तनाव की स्थिति क्या है?
Sea of Oman में एक ईरानी कमर्शियल जहाज पर अमेरिकी हमले को ईरान ने युद्ध अपराध बताया है। Strait of Hormuz में भी तनाव बढ़ा है जहाँ IRGC ने दो जहाजों को पकड़ा और तीन पर फायरिंग की। हालांकि पाकिस्तान की कोशिशों से ceasefire को बढ़ाया गया, लेकिन ईरान की तरफ से कोई ठोस प्रस्ताव न आने के कारण इस्लामाबाद में होने वाली शांति बैठक टल गई है।