ईरान के राष्ट्रपति पेज़ेशकियन का अमेरिका पर हमला, कहा- विश्वास बहाली के बिना परमाणु समझौते पर आगे बढ़ना नामुमकिन

Praggya Singh sabal8 August 20262 min read64 viewsWorld
ईरान के राष्ट्रपति पेज़ेशकियन का अमेरिका पर हमला, कहा- विश्वास बहाली के बिना परमाणु समझौते पर आगे बढ़ना नामुमकिन

ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने 8 अगस्त 2026 को एक कड़ा बयान जारी करते हुए कहा कि मौजूदा संघर्ष को अब समाप्त होना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि ईरान एक समझौता ज्ञापन यानी MoU को आधार बनाकर शांति वार्ता के लिए तैयार है, लेकिन इसके लिए अमेरिका को अपना अविश्वास का रवैया छोड़ना होगा। राष्ट्रपति ने जोर देकर कहा कि ईरान राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए कूटनीति का रास्ता अपनाता रहेगा और देश को किसी के सामने झुकने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता है।

समझौता और अमेरिका की भूमिका पर सवाल

राष्ट्रपति ने बताया कि जून में हस्ताक्षर किए गए MoU में शांति वार्ता के लिए 60 दिन की समय सीमा तय की गई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिका ने होर्मुज जलडमरूमध्य में वैकल्पिक शिपिंग मार्गों का उपयोग करके इस समझौते का उल्लंघन किया है। राष्ट्रपति का कहना है कि अगर अमेरिका अपनी जिम्मेदारियों को पूरा नहीं करता है, तो ईरान भी इस समझौते से बंधा नहीं रहेगा। उन्होंने वाशिंगटन की नीतियों को 'जेनोसाइडल माइंडसेट' यानी नरसंहार की मानसिकता करार देते हुए हिरोशिमा और नागासाकी के परमाणु हमलों का जिक्र किया और अमेरिकी विदेश नीति को औपनिवेशिक और आपराधिक बताया है।

GulfHindi की हर खबर सबसे पहलेJoin

क्षेत्रीय राजनीति और खाड़ी देशों पर प्रभाव

Masoud Pezeshkian ने उन घरेलू आलोचकों पर भी निशाना साधा जो इस समझौते का विरोध कर रहे हैं। उन्होंने पूछा कि ईरान को ऐसा युद्ध क्यों लड़ना चाहिए जो केवल इजरायल के हितों को साधता है। उनका मानना है कि इजरायल और अमेरिका की कोशिश ईरान को उसके पड़ोसी खाड़ी देशों से अलग करने की है। उन्होंने खाड़ी देशों द्वारा अमेरिकी सैन्य अड्डों को मेजबानी देने पर भी चिंता व्यक्त की, जिनका उपयोग ईरान को निशाना बनाने के लिए किया जाता है।

ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद इस विषय पर एकमत है और समझौते के उल्लंघन पर चर्चा करने के लिए एक प्रतिनिधिमंडल गठित किया जा रहा है। Strait of Hormuz को लेकर स्थिति अभी भी जटिल बनी हुई है, जहाँ एक तरफ ओमान के साथ ढांचे पर चर्चा की खबरें हैं, तो दूसरी तरफ Islamic Revolutionary Guard Corps का कहना है कि इस मार्ग को खोलना केवल ईरान की विशिष्ट शर्तों पर ही निर्भर करेगा। इस पूरी स्थिति की विस्तृत जानकारी ANI News के माध्यम से साझा की गई है।

Share:

Comments

Leave a comment