ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने अमेरिका को साफ़ संदेश दे दिया है। उन्होंने कहा कि जब तक धमकी और पाबंदियाँ रहेंगी, तब तक कोई बातचीत नहीं होगी। यह बात उन्होंने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif के साथ फोन पर हुई चर्चा के दौरान कही। ईरान चाहता है कि बातचीत शुरू करने से पहले अमेरिका अपनी पुरानी शर्तें और नाकेबंदी हटाए।

ईरान ने बातचीत के लिए क्या शर्तें रखी हैं?

  • नाकेबंदी हटाना: राष्ट्रपति Pezeshkian ने साफ़ कहा कि ईरानी बंदरगाहों की समुद्री नाकेबंदी खत्म होनी चाहिए।
  • धमकी और दबाव का अंत: उन्होंने कहा कि दबाव या धमकी के साये में कोई भी असली बातचीत नहीं हो सकती।
  • पुरानी गलतियों का सबक: राष्ट्रपति के मुताबिक पहले भी जब प्रतिबंधों के बीच बात हुई, तो जनता का भरोसा कम हुआ।

अमेरिका के रवैये पर राष्ट्रपति ने क्या कहा?

राष्ट्रपति Pezeshkian ने अमेरिका की बातों और कामों में अंतर बताया। उन्होंने कहा कि अमेरिका सिर्फ बातें करता है लेकिन असलियत में कुछ नहीं बदलता। उनके अनुसार, समुद्री प्रतिबंधों की वजह से युद्धविराम की समझ टूटी है, जो कि यूनाइटेड नेशन्स चार्टर के भी खिलाफ है।

दूसरे देशों की इसमें क्या भूमिका है?

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत शुरू करवाने की कोशिश कर रहे हैं। इसके अलावा, ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araqchi ने मिस्र और तुर्की के विदेश मंत्रियों के साथ भी डिप्लोमेसी और युद्धविराम पर चर्चा की है। ईरान की संसद के स्पीकर Mohammad Bagher Ghalibaf का भी मानना है कि समुद्री नाकेबंदी खत्म हुए बिना युद्धविराम का कोई मतलब नहीं है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.