ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने साफ कर दिया है कि देश में युद्ध या बातचीत जैसे बड़े फैसले कोई अकेला व्यक्ति नहीं लेता. ये फैसले देश की आधिकारिक संस्थाओं, खासकर Supreme National Security Council (SNSC) और सुप्रीम लीडर की मंजूरी के बाद ही लिए जाते हैं. यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम करने के लिए बातचीत चल रही है.

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राष्ट्रपति Pezeshkian ने 14 जून 2026 को कहा कि देश के लिए यह बहुत संवेदनशील समय है, इसलिए राष्ट्रीय एकता और अधिकृत संस्थाओं के फैसलों का पालन करना जरूरी है. उन्होंने बताया कि SNSC ने बातचीत का रास्ता जारी रखने का फैसला किया है और उनकी सरकार सुप्रीम लीडर के मार्गदर्शन में इस फैसले पर टिकी हुई है. राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि बातचीत ईरान के राष्ट्रीय हितों की रक्षा करने का एक जरिया है और ईरान बाहरी दबावों के आगे नहीं झुकेगा.

बातचीत के मुद्दे पर राष्ट्रपति ने उन लोगों की कड़ी आलोचना की जो बातचीत करने वाली टीम पर हमला कर रहे हैं. उन्होंने ऐसे लोगों पर देश को बेचने और गद्दारी करने का आरोप लगाया. इससे पहले 10 जून को उन्होंने यह भी बताया था कि सुप्रीम लीडर ने सरकार को ‘न युद्ध, न शांति’ वाली स्थिति को खत्म करने के लिए बातचीत करने की अनुमति दी थी.

अमेरिका और ईरान के बीच संभावित समझौता

इस बीच अमेरिका और ईरान के बीच विवाद खत्म करने के लिए एक समझौता ज्ञापन (MOU) पर बातचीत चल रही है. इस काम में Qatar के मध्यस्थ तेहरान में मौजूद हैं ताकि समझौते को अंतिम रूप दिया जा सके. हालांकि अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने संकेत दिया था कि इस पर 14 जून को हस्ताक्षर हो सकते हैं, लेकिन ईरान के विदेश मंत्रालय ने कहा कि आज हस्ताक्षर होना मुश्किल है.

Fars news agency की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान ने अभी तक इस ढांचे पर अंतिम फैसला नहीं लिया है क्योंकि कानूनी और तकनीकी पहलुओं की जांच चल रही है. इस प्रस्तावित समझौते में कुछ मुख्य बातें शामिल हैं:

  • तेल निर्यात: अमेरिका द्वारा ईरानी तेल पर लगे प्रतिबंधों में छूट देना.
  • परमाणु कार्यक्रम: ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर कुछ सीमाएं लगाना.
  • संपत्ति की वापसी: ईरान की जब्त की गई संपत्तियों को वापस करना.
  • नौसैनिक नाकाबंदी: ईरानी बंदरगाहों पर लगी अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी को हटाना.

हाल के घटनाक्रमों की बात करें तो 11 जून 2026 को राष्ट्रपति Trump ने ईरान पर होने वाले नए सैन्य हमलों को रोक दिया था, क्योंकि बातचीत में प्रगति दिख रही थी. वहीं 12 जून को पाकिस्तान ने भी जानकारी दी थी कि अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते का अंतिम मसौदा तैयार हो गया है. उम्मीद है कि आने वाले कुछ दिनों में इस समझौते पर रिमोट तरीके से हस्ताक्षर होंगे.

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.