ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने अमेरिका की धमकियों पर बहुत कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि कोई भी उन्हें सरेंडर करने पर मजबूर नहीं कर सकता। राष्ट्रपति ने इराक के नेता के साथ बातचीत के दौरान क्षेत्रीय शांति और सुरक्षा के लिए अमेरिका से अपनी सैन्य ताकत हटाने की मांग की है।
ईरान और अमेरिका के बीच तनाव की क्या है वजह
राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने स्पष्ट किया कि ईरान अंतरराष्ट्रीय कानूनों के दायरे में रहकर बातचीत के लिए तैयार है, लेकिन वह किसी भी दबाव में नहीं आएगा। उन्होंने इराक के प्रधानमंत्री-निर्वाचित Ali al-Zaidi से फोन पर बात की और कहा कि जब तक अमेरिका सैन्य धमकी नहीं हटाता, शांति मुश्किल है। इराक ने इस पूरे मामले में दोनों देशों के बीच मध्यस्थता करने की इच्छा जताई है।
Strait of Hormuz और अंतरराष्ट्रीय दबाव
- अमेरिकी ऑपरेशन: राष्ट्रपति Donald Trump ने ‘Project Freedom’ नाम के सैन्य ऑपरेशन को कुछ समय के लिए रोका है, जिसका मकसद Strait of Hormuz में जहाजों को सुरक्षा देना था।
- आंतरिक विवाद: अमेरिकी कांग्रेस सदस्य Raja Krishnamoorthi ने दावा किया कि युद्ध खत्म होने की बातें गलत हैं और अभी भी नौसैनिक नाकाबंदी जारी है।
- UN का नया प्रस्ताव: अमेरिका, सऊदी अरब, UAE, बहरीन, कुवैत और कतर ने मिलकर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में एक नया प्रस्ताव तैयार किया है, जिसमें ईरान से हमले और माइनिंग बंद करने की मांग की गई है।
ईरान की आंतरिक कलह और जहाजों पर असर
खबरों के मुताबिक, राष्ट्रपति Pezeshkian और ईरान की सैन्य लीडरशिप के बीच मतभेद बढ़ गए हैं। राष्ट्रपति ने IRGC द्वारा UAE पर किए गए हमलों को ‘पागलपन’ और ‘गैर-जिम्मेदाराना’ बताया है। वहीं, Strait of Hormuz में दक्षिण कोरियाई कंपनी HMM का एक जहाज धमाके और आग के बाद फंस गया, जिसे अब दुबई की तरफ खींचा जा रहा है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
ईरान और अमेरिका के बीच यह संघर्ष कब शुरू हुआ था
यह संघर्ष 28 फरवरी 2026 को शुरू हुआ था और इसके बाद 8 अप्रैल 2026 को एक युद्धविराम लागू किया गया था।
Project Freedom क्या है और इसका क्या अपडेट है
यह अमेरिका का एक सैन्य ऑपरेशन है जो Strait of Hormuz में जहाजों को सुरक्षा देता है। राष्ट्रपति Donald Trump ने बातचीत में प्रगति का हवाला देते हुए इसे फिलहाल रोकने का ऐलान किया है।