ईरान में चल रहे युद्ध के बीच वहां के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने रेड क्रिसेंट सोसाइटी (IRCS) के कामों की सराहना की है। उन्होंने कहा कि मुश्किल समय में इस संस्था ने लोगों की जान बचाने और राहत पहुंचाने में बड़ी भूमिका निभाई है। इस जंग की वजह से बड़ी संख्या में आम लोग प्रभावित हुए हैं और कई इलाकों में भारी तबाही हुई है।

युद्ध में अब तक कितना हुआ नुकसान और क्या रही राहत?

ईरान के अधिकारियों के मुताबिक 28 फरवरी 2026 से शुरू हुए इस युद्ध में अब तक बहुत नुकसान हुआ है। राहत कार्यों के लिए हजारों टीमों को तैनात किया गया ताकि मलबे में दबे लोगों को निकाला जा सके और घायलों का इलाज हो सके।

विवरण आंकड़े
कुल राहत टीमें 7,984
कुल बचावकर्मी 28,000 से ज्यादा
बचाव मिशन 2,000 से अधिक
नष्ट हुए घर और दुकानें 125,392
मलबे से बचाए गए नागरिक 994
महिलाओं की मौत 257
18 साल से कम उम्र के बच्चों की मौत 220
कुल विस्थापित लोग 32 लाख
कुल मौतें 3,000 से ज्यादा

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ईरान को कैसी मिल रही है मदद?

इस संकट की घड़ी में अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं भी ईरान की मदद कर रही हैं। IFRC ने तुर्की के रास्ते जीवन रक्षक दवाइयां और जरूरी सामान भेजा है। वहीं ICRC ने जॉर्डन से 14 ट्रक भेजे हैं जिनमें 25,000 लोगों के लिए घरेलू सामान है। इसके अलावा राहत कार्यों के लिए 200 जनरेटर और 100 मोटर पंप भी दिए गए हैं।

राष्ट्रपति Pezeshkian ने अन्य देशों और संस्थाओं पर क्या कहा?

राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने अमेरिका और इसराइल पर हमलावर होने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि कुछ मानवाधिकार संस्थाएं केवल ईरान के घरेलू मुद्दों पर बात करती हैं लेकिन स्कूलों और अस्पतालों पर होने वाले हमलों पर चुप रहती हैं। इस बीच UN के विशेष दूत Jean Arnault ने भी IRCS के अध्यक्ष से मुलाकात कर युद्ध अपराधों और नागरिकों को हुए नुकसान पर चर्चा की है।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.