ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन ने अमेरिका की कूटनीतिक कोशिशों पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। हाल ही में एक हमले में एक वरिष्ठ ईरानी अधिकारी की पत्नी की मौत हो गई, जिसके बाद राष्ट्रपति ने यह बयान दिया। उन्होंने कहा कि एक तरफ बातचीत की बात होती है और दूसरी तरफ ईरान के महत्वपूर्ण लोगों पर लगातार हमले किए जा रहे हैं। इस घटना ने क्षेत्र में कूटनीतिक स्तर पर तनाव को और अधिक बढ़ा दिया है।

हमले में किसे निशाना बनाया गया और क्या हुआ?

ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, 1 अप्रैल 2026 को उत्तरी तेहरान के एक रिहायशी इलाके में हवाई हमला हुआ था। इस हमले में ईरान के मुख्य शांति वार्ताकार और पूर्व विदेश मंत्री कमल खराज़ी (Kamal Kharazi) के घर को निशाना बनाया गया। इस हमले में खराज़ी की पत्नी की मौत हो गई और वह खुद भी इस घटना में गंभीर रूप से घायल हुए हैं। ईरानी सरकार का कहना है कि जिस इलाके में हमला हुआ वहां कोई सैन्य ठिकाना नहीं था और यह हमला जानबूझकर शांति की कोशिशों को रोकने के लिए किया गया।

ईरान के राष्ट्रपति ने किन बातों पर जताई आपत्ति?

राष्ट्रपति पेज़ेशकियन ने अमेरिका और इसराइल की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कुछ प्रमुख बातें कही हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि बातचीत के बीच में हमले करना यह संकेत देता है कि सामने वाला पक्ष कूटनीति पर भरोसा नहीं करता है।

  • उन्होंने अमेरिका पर इसराइल के लिए काम करने और ईरानी बुनियादी ढांचे पर हमला करने का आरोप लगाया।
  • हाल के महीनों में कई बड़े ईरानी अधिकारी जैसे इस्माइल खतीब और अली लारीजानी भी ऐसे ही हमलों में अपनी जान गंवा चुके हैं।
  • राष्ट्रपति ने कहा कि ईरान का रुख हमेशा रक्षात्मक रहा है और वह किसी भी देश के नागरिकों से दुश्मनी नहीं रखता।
  • मिडिल ईस्ट में चल रहे इस संघर्ष में अब तक 2000 से ज्यादा लोगों की जान जाने की खबर सामने आई है।