ईरान की सरकार के अंदर इस वक्त बहुत बड़ी खींचतान चल रही है। वहां के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian और संसद के स्पीकर Mohammad Bagher Ghalibaf विदेश मंत्री Abbas Araghchi को उनके पद से हटाने की कोशिश कर रहे हैं। आरोप है कि विदेश मंत्री राष्ट्रपति की बात मानने के बजाय सीधे मिलिट्री के आदेशों पर काम कर रहे हैं।
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विदेश मंत्री Abbas Araghchi पर क्या आरोप लगे हैं?
रिपोर्ट्स के मुताबिक, विदेश मंत्री Araghchi पर यह आरोप है कि वह कैबिनेट मंत्री की तरह काम करने के बजाय Revolutionary Guard के कमांडर Ahmad Vahidi के मददगार की तरह व्यवहार कर रहे हैं। बताया गया है कि पिछले दो हफ्तों से Araghchi ने राष्ट्रपति को बिना बताए सीधे Vahidi के साथ तालमेल बैठाया और उनके निर्देशों का पालन किया। इसी वजह से राष्ट्रपति और स्पीकर उन्हें पद से हटाने पर विचार कर रहे हैं।
ईरान की राजनीति में मिलिट्री का कितना असर है?
ईरान में इस समय एक राजनीतिक deadlock की स्थिति बन गई है। Revolutionary Guard (IRGC) अब सरकारी कामकाज और डिप्लोमेटिक बातचीत पर अपना कंट्रोल बढ़ा रही है। मिलिट्री ने कई संवेदनशील मैनेजरियल पदों पर अपना कब्जा कर लिया है, जिससे राष्ट्रपति की ताकत कम हो रही है। राष्ट्रपति Pezeshkian और कमांडर Vahidi के बीच युद्ध और आर्थिक हालातों को लेकर 28 मार्च 2026 से ही गंभीर मतभेद चल रहे थे।
अमेरिका के साथ बातचीत पर क्या है ताज़ा अपडेट?
इस पूरे विवाद के बीच विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने अमेरिका के साथ चल रही बातचीत से इनकार किया है। उन्होंने साफ कहा कि तेहरान ने अभी तक अमेरिका के किसी प्रस्ताव का आधिकारिक जवाब नहीं दिया है। ईरान का रुख अभी सख्त है और वह युद्ध को पूरी तरह खत्म करने के साथ-साथ मुआवजे की मांग कर रहा है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
विदेश मंत्री Abbas Araghchi को क्यों हटाया जा रहा है?
उन पर आरोप है कि वह राष्ट्रपति की बात नज़रअंदाज़ कर रहे हैं और सीधे Revolutionary Guard के कमांडर Ahmad Vahidi के निर्देशों पर काम कर रहे हैं।
ईरान की सरकार में इस समय क्या समस्या चल रही है?
वहां सरकार और मिलिट्री के बीच टकराव है, जिससे राजनीतिक गतिरोध पैदा हो गया है। मिलिट्री अब महत्वपूर्ण पदों और विदेशी समझौतों पर अपना नियंत्रण बढ़ा रही है।