Iran News: ईरान में सत्ता के केंद्र पर छिड़ी बहस, राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन के बयान ने बढ़ाई हलचल

Praggya Singh sabal8 August 20262 min read61 viewsWorld
Iran News: ईरान में सत्ता के केंद्र पर छिड़ी बहस, राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन के बयान ने बढ़ाई हलचल

ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian के एक हालिया बयान ने पूरे क्षेत्र में नई राजनीतिक चर्चाओं को जन्म दे दिया है। 8 अगस्त 2026 को सऊदी न्यूज़ की रिपोर्ट के अनुसार, राष्ट्रपति ने यह स्पष्ट किया कि युद्ध और शांति जैसे गंभीर राष्ट्रीय सुरक्षा मामलों पर अंतिम निर्णय लेने का अधिकार ईरान की सरकार के पास नहीं, बल्कि Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) के पास है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब मध्य पूर्व में सुरक्षा को लेकर तनाव का माहौल बना हुआ है।

सत्ता का बदलता केंद्र और IRGC की भूमिका

ऐतिहासिक रूप से, ईरान में सुरक्षा संबंधी सभी बड़े फैसले सर्वोच्च नेता (Supreme Leader) के अधिकार क्षेत्र में आते थे। हालांकि, Ayatollah Ali Khamenei के निधन और उनके बेटे Ayatollah Mojtaba Khamenei के पदभार संभालने के बाद से व्यवस्था में बदलाव देखा गया है। अब, निर्णय लेने की प्रक्रिया में IRGC के अनुभवी कमांडरों और उनके सहयोगियों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण हो गई है। Supreme National Security Council (SNSC) सुरक्षा नीतियों को तैयार करती है, लेकिन वास्तविक नियंत्रण अब IRGC के पास माना जाता है, जिसने 2009 के ग्रीन मूवमेंट के बाद से खुफिया और सुरक्षा तंत्र पर अपनी पकड़ मजबूत कर ली है।

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कूटनीतिक समझौते और सुरक्षा प्रतिष्ठान का रुख

राष्ट्रपति पेज़ेशकियन ने अपने हालिया कूटनीतिक प्रयासों का बचाव करते हुए कहा कि संघर्ष को समाप्त करने के लिए किया गया Memorandum of Understanding (MoU) किसी एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि पूरे सुरक्षा प्रतिष्ठान और SNSC की सामूहिक समझ का परिणाम है। उन्होंने जोर देकर कहा कि सैन्य कमांडर भी इस बात पर सहमत थे कि लड़ाई रोकने के लिए बातचीत जरूरी है। वहीं दूसरी ओर, IRGC ने National Journalists' Day पर अपनी सैन्य शक्ति का प्रदर्शन करते हुए वैश्विक मंच पर अमेरिका की 'हार' का दावा किया है। उनका कहना है कि होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को खोलना अमेरिका द्वारा ईरान की शर्तों को मानने पर ही निर्भर करेगा।

क्षेत्रीय तनाव और नए प्रतिबंधों का असर

वर्तमान में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी स्थितियां काफी चुनौतीपूर्ण बनी हुई हैं। 8 अगस्त 2026 को अमेरिका ने ईरान के डिजिटल एसेट नेटवर्क से जुड़ी संस्थाओं पर नए प्रतिबंध लगाए हैं। यह कदम होर्मुज जलडमरूमध्य में व्यावसायिक जहाजों पर हालिया हमलों के जवाब में उठाया गया है। इसके साथ ही, क्षेत्रीय सुरक्षा के लिहाज से 7 अगस्त 2026 को सऊदी अरब, पाकिस्तान और तुर्की ने एक संयुक्त रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। इस समझौते का मुख्य उद्देश्य ईरान के बढ़ते प्रभाव के बीच सामूहिक रूप से खुद को सुरक्षित रखना और क्षेत्र में शांति सुनिश्चित करना है। इन घटनाओं से साफ पता चलता है कि खाड़ी देशों में सैन्य और राजनीतिक मोर्चे पर काफी सरगर्मी है।

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