ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने साफ कर दिया है कि उनका देश अपनी ओर से पहले हमला नहीं करेगा, लेकिन अगर उनकी आर्थिक या बुनियादी ढांचों वाली जगहों को निशाना बनाया गया, तो वे चुप नहीं बैठेंगे। उन्होंने पड़ोसी देशों को भी कड़ा संदेश देते हुए आगाह किया है कि वे अपनी धरती का इस्तेमाल ईरान के खिलाफ न होने दें। यह बयान ऐसे समय में आया है जब पूरे मिडिल ईस्ट में तनाव बहुत ज्यादा बढ़ गया है और हाल ही में इजराइल ने तेहरान में कुछ ठिकानों पर हमला किया है।

पड़ोसी देशों और मध्यस्थता को लेकर ईरान ने क्या कहा?

राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने सोशल मीडिया के जरिए कहा कि क्षेत्रीय देशों को सावधान रहना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर कोई देश अपनी जमीन का इस्तेमाल दुश्मनों को जंग के लिए करने देता है, तो यह उनके अपने विकास और सुरक्षा के लिए अच्छा नहीं होगा। इसी बीच पाकिस्तान के प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif ने भी ईरानी राष्ट्रपति से करीब एक घंटे फोन पर बात की है। पाकिस्तान इस समय तनाव कम करने के लिए मध्यस्थता की कोशिश कर रहा है। ईरान ने पाकिस्तान की इस पहल की तारीफ की है और कहा है कि बातचीत के लिए भरोसे का होना बहुत जरूरी है।

हालिया हमलों का आम लोगों और प्रवासियों पर क्या असर हुआ?

पिछले 24 घंटों में हुई सैन्य कार्रवाइयों ने खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों की चिंता बढ़ा दी है। इस टकराव का असर सीधा आम लोगों पर पड़ रहा है, जिसकी जानकारी नीचे दी गई है:

इलाका घटना का विवरण
Abu Dhabi (UAE) मिसाइलों के मलबे की चपेट में आने से 5 भारतीय नागरिक घायल हो गए।
Saudi Arabia ईरानी मिसाइल हमले में अमेरिकी सैनिक घायल हुए और विमानों को नुकसान पहुंचा।
Tehran (Iran) इजराइली सेना ने ईरानी ठिकानों पर हवाई हमले किए, जहां से धुंआ उठता देखा गया।
Lebanon इजराइली हमले में दो पत्रकारों की मौत हो गई।
Israel ईरान की ओर से दागी गई मिसाइल से एक व्यक्ति की जान चली गई।

सैन्य दावों और मौजूदा स्थिति की जानकारी

ईरान की सेना ने दावा किया है कि उन्होंने ओमान के Salalah बंदरगाह के पास एक अमेरिकी रसद जहाज को निशाना बनाया है, हालांकि अमेरिका ने अभी इस पर कुछ नहीं कहा है। दूसरी तरफ, यमन के हूती विद्रोहियों ने भी 28 मार्च 2026 को इजराइल के सैन्य ठिकानों पर मिसाइलें दागने की बात कबूल की है। यूक्रेन ने भी ईरान के उस दावे को गलत बताया है जिसमें कहा गया था कि दुबई में यूक्रेन का एयर डिफेंस डिपो तबाह हो गया है। खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीयों और अन्य प्रवासियों के लिए यह स्थिति काफी संवेदनशील बनी हुई है क्योंकि लगातार हो रहे हमलों से सुरक्षा का खतरा पैदा हो गया है।