लेबनान और इसराइल के बीच चल रही जंग को रोकने के लिए बड़ी हलचल शुरू हो गई है। ईरान अब अमेरिका पर दबाव बना रहा है कि लेबनान को भी सीजफायर (युद्धविराम) में शामिल किया जाए। खबर है कि लेबनान में आज रात से एक हफ्ते का सीजफायर लागू हो सकता है, जिससे वहां के आम लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।

🗞️: ईरान के हमलों पर अरब पार्लियामेंट का गुस्सा, राष्ट्रपति बोले अरब देश खतरे में, एकजुट होने की अपील

ईरान ने अमेरिका पर कैसे बनाया दबाव?

ईरान ने इस काम के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) की नाकाबंदी को हथियार बनाया है। हिज़बुल्लाह नेता इब्राहिम अल-मौसावी के मुताबिक, ईरान इस दबाव के जरिए अमेरिका को लेबनान के लिए सीजफायर करने पर मजबूर कर रहा है। वहीं, ईरान के सैन्य कमांडर अली अब्दुल्लाही ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी जारी रखी, तो वे समुद्री व्यापार को और ज़्यादा बाधित करेंगे।

सीजफायर को लेकर क्या है ताज़ा अपडेट?

प्रो-हिज़बुल्लाह मीडिया और अल-मयादीन की रिपोर्ट के अनुसार, लेबनान में 15 अप्रैल 2026 की रात से एक हफ्ते का युद्धविराम शुरू होगा। यह प्रस्ताव अमेरिकी विशेष दूत स्टीव विटकॉफ ने रखा था। हालांकि, इसराइल ने अभी तक इस पर अपनी अंतिम मुहर नहीं लगाई है। इसराइल के विदेश मंत्री गिदोन सार का कहना है कि उनका मुख्य लक्ष्य हिज़बुल्लाह की सैन्य ताकत को खत्म करना है।

अमेरिका और ईरान के बीच क्या बातचीत चल रही है?

अमेरिका और ईरान के बीच पहले से चल रहा सीजफायर 22 अप्रैल 2026 को खत्म होने वाला है। खबर है कि दोनों देश इसे अगले दो हफ्तों के लिए बढ़ाने पर सैद्धांतिक तौर पर सहमत हो सकते हैं। इस बीच, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने इसराइल और लेबनान के अधिकारियों के बीच सीधी बातचीत कराई, लेकिन दोनों पक्षों की शर्तें अलग-अलग हैं।