ईरान ने अपनी सैन्य रणनीति में बड़ा बदलाव करते हुए चीन से हजारों की संख्या में नकली टैंक, फाइटर जेट और मिसाइल लॉन्चर मंगवाए हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, इन हवा से भरे गुब्बारों का इस्तेमाल अमेरिका और इस्राइल के महंगे मिसाइल हमलों को गुमराह करने के लिए किया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य दुश्मन के महंगे हथियारों को सस्ते गुब्बारों पर बर्बाद करवाना है। हाल के दिनों में कई ऐसी घटनाएं देखी गई हैं जहां अरबों के मिसाइल इन मामूली खिलौनों पर दाग दिए गए।

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नकली हथियारों की कीमत और चीन से खरीद की जानकारी

  • ईरान ने चीन से लगभग 10,000 से लेकर 9 लाख तक इन्फ्लेटेबल मिलिट्री डिकॉय खरीदे हैं।
  • इनमें F-14 और F-35 जैसे लड़ाकू विमानों और बड़े मिसाइल लॉन्चरों के हूबहू दिखने वाले रबर मॉडल शामिल हैं।
  • इन नकली टैंकों में विशेष हीटर और रडार रिफ्लेक्टर लगे होते हैं ताकि ये दुश्मन के रडार पर असली इंजन की तरह गरम और ठोस दिखाई दें।
  • चीन की कंपनियों का कहना है कि वे केवल सामान्य तकनीक का निर्यात कर रही हैं और इन्हें हथियार नहीं माना जा सकता।

महंगे मिसाइल बनाम सस्ते नकली मॉडलों का खर्च

रक्षा उपकरण अनुमानित कीमत (डॉलर में)
साधारण रबर का टैंक या जेट $500 से $1,000
एडवांस्ड मॉडल (रडार रिफ्लेक्टर के साथ) $10,000 से $25,000
अमेरिका का पैट्रियट (PAC-3) मिसाइल $20 लाख से $40 लाख

युद्ध के मैदान में कैसे काम कर रही है यह तकनीक

ईरान की IRGC इन नकली हथियारों को अपने मुख्य सैन्य ठिकानों और एयरबेस के पास तैनात कर रही है। हाल ही में IDF द्वारा जारी किए गए फुटेज में एक हेलीकॉप्टर पर हमला होते देखा गया, लेकिन OSINT विशेषज्ञों ने पाया कि वह टकराने के बाद गुब्बारे की तरह पिचक गया। इससे पता चलता है कि वह केवल एक रबर का डिकॉय था। इसके अलावा, ईरान अब रनवे पर 3D पेंटिंग का भी सहारा ले रहा है जो सैटेलाइट से देखने पर असली हेलीकॉप्टर जैसे लगते हैं।

अमेरिकी पेंटागन के प्रवक्ता सीन पार्नेल ने स्वीकार किया है कि हालिया हमलों के दौरान एयर डिफेंस सिस्टम को इन नकली चीजों की वजह से मुश्किलों का सामना करना पड़ा है। इस स्थिति को देखते हुए वाइट हाउस ने डिफेंस कंपनियों को पैट्रियट मिसाइलों का उत्पादन चार गुना बढ़ाने का निर्देश दिया है ताकि खत्म होते स्टॉक की भरपाई की जा सके। एक्सपर्ट्स का कहना है कि यह तकनीक युद्ध के आर्थिक संतुलन को बदल रही है।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.