तेल की कीमतों में अचानक तेजी देखी जा रही है जबकि ईरान ने Strait of Hormuz को दोबारा खोलने का प्रस्ताव दिया है। यह प्रस्ताव पाकिस्तान के जरिए अमेरिका तक पहुँचाया गया है। दुनिया भर में अब इस बात पर नजर है कि क्या अमेरिका इस ऑफर को मानेगा या तनाव और बढ़ेगा जिससे आम आदमी की जेब पर असर पड़ेगा।

ईरान ने Strait of Hormuz खोलने के लिए क्या शर्तें रखी हैं?

  • ईरान ने प्रस्ताव दिया है कि वह Strait of Hormuz को तभी खोलेगा जब अमेरिका ईरानी बंदरगाहों की नौसेना नाकाबंदी (naval blockade) को हटा लेगा।
  • ईरान की एक और मुख्य मांग है कि 28 फरवरी से चल रहे युद्ध को पूरी तरह खत्म किया जाए।
  • ईरान चाहता है कि उसके परमाणु कार्यक्रम (nuclear program) पर होने वाली बातचीत को फिलहाल के लिए बाद में टाला जाए।
  • ईरान के विदेश मंत्री Seyed Abbas Araghchi ने इस सिलसिले में रूस और Oman का दौरा किया है ताकि सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित की जा सके।
  • ईरान के प्रथम उपाध्यक्ष Mohammad Reza Aref ने कहा कि Strait of Hormuz की सुरक्षा मुफ्त नहीं है और जब तक तेल निर्यात पर पाबंदी है, सुरक्षा की उम्मीद नहीं की जा सकती।

अमेरिका का क्या रुख है और तेल के दाम क्यों बढ़ रहे हैं?

अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump इस नए प्रस्ताव से संतुष्ट नहीं हैं। सूत्रों के मुताबिक वह इस ऑफर को स्वीकार करने की संभावना कम रखते हैं क्योंकि इसमें ईरान के परमाणु कार्यक्रम का कोई समाधान नहीं दिया गया है। अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio ने साफ कहा है कि परमाणु मुद्दे ही किसी भी बातचीत का मुख्य केंद्र रहेंगे।

  • अमेरिका ने 13 अप्रैल 2026 को ईरानी बंदरगाहों की नौसेना नाकाबंदी शुरू की थी।
  • इसके जवाब में ईरान के Revolutionary Guard Corps (IRGC) ने 18 अप्रैल 2026 को Strait of Hormuz को बंद कर दिया था।
  • सीनेटर Lindsey Graham ने ईरान की इन हरकतों को केवल ‘गेम खेलना’ बताया है।
  • बाजार में बढ़ते तनाव और सप्लाई रुकने के डर से तेल की कीमतों में उछाल आया है।
  • रूस के राष्ट्रपति Vladimir Putin ने इस संकट के बीच तेहरान को अपना पूरा समर्थन देने का वादा किया है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

Strait of Hormuz को ईरान ने क्यों बंद किया था

ईरान के Revolutionary Guard Corps (IRGC) ने 18 अप्रैल 2026 को इसे बंद किया था क्योंकि उनका आरोप था कि अमेरिका ने युद्धविराम के नियमों का उल्लंघन किया है।

पाकिस्तान की इस मामले में क्या भूमिका है

पाकिस्तान इस पूरे विवाद में एक मध्यस्थ (mediator) के तौर पर काम कर रहा है और ईरान के प्रस्ताव को अमेरिका तक पहुँचाने में मदद कर रहा है।