ईरान ने एक नया प्रस्ताव रखा है जिससे पूरी दुनिया की नज़रें अब इस पर टिकी हैं। ईरान ने कहा है कि वह होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को फिर से खोल सकता है, लेकिन इसके लिए वह अपने परमाणु कार्यक्रम पर कोई समझौता नहीं करेगा। यह खबर ऐसे समय आई है जब अमेरिका और ईरान के बीच तनाव काफी बढ़ा हुआ है।

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ईरान की क्या शर्त है और यह प्रस्ताव कैसे आया?

ईरान ने प्रस्ताव दिया है कि वह होर्मुज जलडमरूमध्य पर अपना नियंत्रण खत्म कर देगा। बदले में वह चाहता है कि अमेरिका उसके बंदरगाहों की नाकाबंदी खत्म करे। इस प्रस्ताव को पाकिस्तान के जरिए अमेरिका तक पहुँचाया गया है। हालांकि, ईरान के संसद स्पीकर मोहम्मद बाकर कलीबाफ ने पहले यह भी कहा था कि जब तक युद्धविराम के नियमों का उल्लंघन होगा, तब तक रास्ता खोलना मुमकिन नहीं है।

अमेरिका और डोनाल्ड ट्रंप का इस पर क्या स्टैंड है?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के इस प्रस्ताव को मानने की संभावना कम है। उनका मानना है कि किसी भी समझौते में ईरान के परमाणु कार्यक्रम को पूरी तरह खत्म करना सबसे जरूरी शर्त होगी। व्हाइट हाउस की प्रवक्ता ओलिविया वेल्स ने बताया कि अमेरिका इस मामले में मजबूत स्थिति में है और वह ऐसा कोई सौदा नहीं करेगा जिससे ईरान को परमाणु हथियार मिल सकें। ट्रंप ने साफ किया है कि परमाणु हथियार न होना किसी भी समझौते का 99 प्रतिशत हिस्सा होगा।

अन्य देशों और जहाजों पर इसका क्या असर पड़ा?

  • रूस: ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने इस मामले और अमेरिका व इसराइल के साथ चल रही जंग पर चर्चा के लिए रूस का दौरा किया।
  • ओमान: ईरान ओमान को भी इस रास्ते से गुजरने वाले जहाजों से टोल वसूलने के सिस्टम पर राजी करना चाहता है।
  • जहाज: अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने नाकाबंदी की वजह से कई जहाजों को वापस लौटने का आदेश दिया था। 24 अप्रैल को करीब 31 जहाजों, जिनमें ज्यादातर तेल टैंकर थे, को उनके प्रस्थान पोर्ट पर वापस लौटने को कहा गया।