ईरान ने अमेरिका और इसराइल के साथ चल रहे युद्ध को रोकने के लिए एक नया प्रस्ताव भेजा है। इस प्रस्ताव में ईरान ने Strait of Hormuz को फिर से खोलने की बात कही है। हालांकि, अमेरिका इस डील को लेकर पूरी तरह खुश नहीं है और व्हाइट हाउस की टीम इस प्रस्ताव की बारीकी से जांच कर रही है।
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ईरान ने अमेरिका के सामने क्या शर्त रखी है?
ईरान ने प्रस्ताव दिया है कि अगर अमेरिका उसकी नाकाबंदी हटा ले और युद्ध खत्म कर दे, तो वह Strait of Hormuz को दोबारा खोल देगा। ईरान इस समझौते में एक और मांग कर रहा है कि उसके परमाणु कार्यक्रम (nuclear program) पर होने वाली चर्चा को फिलहाल के लिए टाल दिया जाए और इसे बाद के लिए रखा जाए।
अमेरिका और Trump प्रशासन का इस प्रस्ताव पर क्या रुख है?
राष्ट्रपति Donald Trump ने अपनी नेशनल सिक्योरिटी टीम के साथ इस प्रस्ताव पर चर्चा की। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव Karoline Leavitt ने बातचीत की पुष्टि की लेकिन ज्यादा जानकारी नहीं दी। विदेश मंत्री Marco Rubio ने साफ कहा कि कोई भी समझौता तभी होगा जब ईरान परमाणु हथियार बनाने से पूरी तरह रुकेगा। Rubio ने यह भी कहा कि Strait of Hormuz पर ईरान का नियंत्रण या वहां टोल टैक्स वसूलना अमेरिका को मंजूर नहीं होगा। खबरों के मुताबिक, Trump प्रशासन इस प्रस्ताव से खुश नहीं है और जल्द ही एक जवाबी प्रस्ताव (counter-proposal) भेज सकता है।
युद्ध की मौजूदा स्थिति और अन्य देशों की भूमिका
- यह संघर्ष 28 फरवरी 2026 को अमेरिका और इसराइल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों के बाद शुरू हुआ था।
- पाकिस्तान इस समय अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थता कर रहा है ताकि बातचीत हो सके।
- ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने रूस के राष्ट्रपति Vladimir Putin से मुलाकात की और राजनयिक प्रयासों के लिए समर्थन हासिल किया।
- लेबनान में ceasefire के बावजूद इसराइल और ईरान समर्थित Hezbollah के बीच फिर से लड़ाई शुरू हो गई है।
- संयुक्त राष्ट्र (UN) ने चेतावनी दी है कि Strait of Hormuz में बढ़ता तनाव वैश्विक समुद्री सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
ईरान के प्रस्ताव में मुख्य मांग क्या है?
ईरान चाहता है कि अमेरिका उसकी नाकाबंदी खत्म करे और युद्ध रोके, जिसके बदले वह Strait of Hormuz खोलेगा। साथ ही वह परमाणु बातचीत को आगे टालना चाहता है।
क्या अमेरिका इस डील को स्वीकार करेगा?
फिलहाल अमेरिका इस प्रस्ताव के प्रति ठंडा है क्योंकि वह परमाणु कार्यक्रम पर तुरंत चर्चा चाहता है। विदेश मंत्री Marco Rubio ने परमाणु हथियारों पर सख्त रुख अपनाया है।