ईरान और अमेरिका के बीच चल रही खींचतान में एक नया मोड़ आया है। ईरान ने युद्ध खत्म करने और हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को धीरे-धीरे खोलने का प्रस्ताव रखा है। ईरान की यह पेशकश अमेरिका द्वारा उसके बंदरगाहों की समुद्री नाकेबंदी हटाने की शर्त पर आधारित है। इस पूरे मामले पर दुनिया की नजरें टिकी हैं क्योंकि इसका सीधा असर वैश्विक व्यापार और तेल की कीमतों पर पड़ेगा।

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ईरान ने अमेरिका के सामने क्या शर्तें रखी हैं?

Wall Street Journal की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान ने प्रस्ताव दिया है कि अगर अमेरिका ईरानी बंदरगाहों पर लगी नौसेना की नाकेबंदी हटा लेता है, तो वह लड़ाई खत्म कर देगा। इसके साथ ही ईरान हॉर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते को फिर से खोलने के लिए तैयार है। जानकारी के मुताबिक, अप्रैल 2026 के अंत से ही पाकिस्तान के बीचस्थता (mediators) के जरिए इस मुद्दे पर बातचीत चल रही है। हालांकि, ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगाए ने 7 मई को कहा था कि उन्होंने अभी तक अमेरिकी प्रस्ताव पर कोई अंतिम फैसला नहीं लिया है।

अमेरिका और अन्य देशों का इस प्रस्ताव पर क्या रुख है?

  • अमेरिका: राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इस प्रस्ताव पर विचार कर रहे हैं, लेकिन वे ईरानी अर्थव्यवस्था पर दबाव बनाए रखने के लिए नाकेबंदी को जारी रखने के विकल्प पर भी सोच रहे हैं। इस बातचीत का नेतृत्व जेरेड कुशनर और स्टीव विटकॉफ कर रहे हैं।
  • ब्रिटेन: ब्रिटेन ने 9 मई को ऐलान किया कि वह हॉर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने के अंतरराष्ट्रीय मिशन में मदद के लिए रॉयल नेवी का डिस्ट्रॉयर HMS Dragon मध्य पूर्व भेज रहा है।
  • सऊदी अरब: संयुक्त राष्ट्र में सऊदी राजदूत अब्दुलअजीज अल-वासेल ने चेतावनी दी कि इस रास्ते पर किसी भी तरह की बाधा वैश्विक बाजारों और ऊर्जा सुरक्षा को बुरी तरह प्रभावित करेगी।

संयुक्त राष्ट्र (UN) की चेतावनी और संभावित कार्रवाई

संयुक्त राष्ट्र में एक मसौदा प्रस्ताव तैयार किया गया है जिसे अमेरिका और कई खाड़ी देशों ने समर्थन दिया है। इस प्रस्ताव के तहत ईरान को चेतावनी दी गई है कि अगर उसने जहाजों पर हमले बंद नहीं किए, अवैध टोल वसूलना बंद नहीं किया और बिछाए गए समुद्री माइन्स की जानकारी नहीं दी, तो उस पर कड़े प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं। यह प्रस्ताव संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अध्याय 7 के तहत आता है, जिसका मतलब है कि इसे सैन्य कार्रवाई के जरिए भी लागू किया जा सकता है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

ईरान और अमेरिका के बीच विवाद की मुख्य वजह क्या है?

मुख्य विवाद हॉर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही और अमेरिका द्वारा ईरानी बंदरगाहों की समुद्री नाकेबंदी को लेकर है, जिससे वैश्विक व्यापार प्रभावित हो रहा है।

इस मामले में पाकिस्तान की क्या भूमिका है?

पाकिस्तान ईरान और अमेरिका के बीच मध्यस्थ (mediator) की भूमिका निभा रहा है और अप्रैल 2026 से दोनों देशों के बीच बातचीत करवाने की कोशिश कर रहा है।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com