ईरान अब दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री रास्ते Strait of Hormuz पर अपना पूरा कंट्रोल करना चाहता है. ईरान की संसद में एक नया कानून लाया जा रहा है जिसके तहत वहां की सेना को दुश्मन जहाजों पर हमला करने का अधिकार मिलेगा. साथ ही अब यहां से गुजरने वाले जहाजों को टैक्स भी ईरान की करेंसी rial में देना होगा.
ईरान के नए कानून में क्या खास बातें हैं?
ईरान की संसद की National Security Commission के हेड Ebrahim Azizi ने 27 अप्रैल 2026 को सरकारी टीवी पर यह जानकारी दी. उन्होंने बताया कि नए कानून के तहत ईरान की सेना को उन जहाजों को निशाना बनाने की ताकत दी जाएगी जिन्हें वह ‘दुश्मन’ मानेगा. यह पूरा मामला ईरान के संविधान के Article 110 पर आधारित है. इसमें मुख्य रूप से समुद्री सुरक्षा, पर्यावरण की रक्षा और नेशनल डिफेंस पर जोर दिया गया है. इससे पहले 20 से 23 अप्रैल के बीच भी उन्होंने कहा था कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर कंट्रोल ईरान का बुनियादी हक है.
टैक्स और एंट्री के लिए क्या नियम होंगे?
- करेंसी का नियम: स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों को जो भी फीस या टैक्स देना होगा, वह सिर्फ ईरान की लोकल करेंसी rial में ही लिया जाएगा.
- दुश्मन देश: अमेरिका और इसराइल से जुड़े जहाजों को ‘दुश्मन’ माना जाएगा और उनके लिए यहां से गुजरना मुश्किल होगा.
- क्लियरेंस: दुश्मन देशों के जहाजों को Supreme National Security Council (SNSC) से मंजूरी लेनी होगी.
- सख्त पाबंदी: जिन देशों ने ईरान पर एकतरफा प्रतिबंध लगाए हैं, उन्हें इस रास्ते के इस्तेमाल से रोका जा सकता है.
दुनिया के अन्य देशों की क्या प्रतिक्रिया है?
अंतरराष्ट्रीय कानून UNCLOS 1982 के मुताबिक, इस समुद्री रास्ते से सभी देशों के जहाजों को बिना किसी रुकावट के गुजरने का हक है. हालांकि ईरान ने इस संधि पर साइन तो किए थे, लेकिन इसे पूरी तरह लागू नहीं किया. फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान, नीदरलैंड और ब्रिटेन जैसे देशों ने ईरान के इस कदम की निंदा की है. इन देशों का कहना है कि समुद्र में जहाजों के आने-जाने की आजादी एक बुनियादी सिद्धांत है जिसे बाधित नहीं किया जाना चाहिए.