ईरान की संसद में एक नए प्रस्ताव पर चर्चा हो रही है जिसमें Strait of Hormuz से गुजरने वाले जहाजों पर टोल और टैक्स लगाने की बात कही गई है। यह जानकारी 19 मार्च 2026 को ISNA न्यूज़ एजेंसी ने साझा की है। ईरान के अधिकारियों का कहना है कि क्षेत्र में जारी तनाव के कारण अब समुद्री यातायात के नियम पहले जैसे नहीं रहेंगे और सुरक्षा के बदले शुल्क लिया जाएगा।

ईरान ने जहाजों पर टोल टैक्स लगाने का प्रस्ताव क्यों दिया?

ईरानी सांसदों का मानना है कि यदि इस समुद्री रास्ते का उपयोग ट्रांजिट, ऊर्जा सप्लाई और खाद्य सुरक्षा के लिए किया जाता है, तो इसके बदले संबंधित देशों को पैसा देना होगा। तेहरान की सांसद Somayeh Rafiei ने कहा कि ईरान इस रास्ते की सुरक्षा सुनिश्चित करता है, इसलिए वह टैक्स लेने का हकदार है। संसद के स्पीकर Mohammad Bagher Ghalibaf ने पहले ही घोषणा की है कि समुद्री यातायात अब पुराने नियमों पर वापस नहीं लौटेगा।

नए नियमों का किन देशों और जहाजों पर होगा असर?

ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने स्पष्ट किया कि यह समुद्री रास्ता फिलहाल खुला है, लेकिन यह केवल उन टैंकरों और जहाजों के लिए बंद है जो दुश्मन देशों या उन पर हमला करने वालों से संबंधित हैं। सुप्रीम लीडर Ayatollah Mojtaba Khamenei के सलाहकारों ने संकेत दिया है कि युद्ध के बाद Strait of Hormuz के लिए एक नया सिस्टम लागू किया जाएगा। इसमें उन देशों पर समुद्री प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं जिन्होंने ईरान पर आर्थिक प्रतिबंध लगाए हैं।

प्रस्ताव से जुड़ी मुख्य जानकारियां

मुख्य बिंदु विवरण
प्रस्ताव की तारीख 19 मार्च 2026
स्थान Strait of Hormuz
अधिकारी Mohammad Bagher Ghalibaf, Somayeh Rafiei
लक्ष्य जहाजों से टैक्स और टोल वसूलना
वर्तमान स्थिति संसद में चर्चा जारी