ईरान अब समुद्र के रास्ते गुजरने वाले जहाजों से पैसे वसूलने की तैयारी कर रहा है। खबर है कि ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से गुजरने वाले जहाजों पर ट्रांजिट फीस लगाने के लिए कानून बना रहा है। इस कदम से दुनिया भर के व्यापार और शिपिंग कंपनियों पर बड़ा असर पड़ सकता है।

ईरान के नए नियम में क्या है

  • नया कानून: ईरानी संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा समिति के प्रमुख इब्राहिम अजीजी ने बताया कि एक ड्राफ्ट कानून तैयार किया जा रहा है।
  • फीस का तरीका: यह फीस ईरानी रियाल में ली जा सकती है। इसके लागू होने के बाद इस जलमार्ग पर ईरान की सेना का पूरा नियंत्रण होगा।
  • क्रिप्टोकरेंसी का विकल्प: कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक, तेल टैंकरों से 1 डॉलर प्रति बैरल या प्रति जहाज 20 लाख डॉलर तक की फीस क्रिप्टोकरेंसी में मांगी जा सकती है।
  • विरोधाभास: जहां कुछ अधिकारी कानून की बात कर रहे हैं, वहीं 10 अप्रैल को ईरान के एक प्रतिनिधि ने इन खबरों को केवल अफवाह बताया था।

अमेरिका और अन्य देशों का रिएक्शन

अमेरिका ने ईरान के इस प्रस्ताव का कड़ा विरोध किया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ कहा कि यह अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र है और वे इसे होने नहीं देंगे। वहीं यूरोपीय संघ ने भी इस टोल टैक्स के विचार की निंदा की है और कतर ने अंतरराष्ट्रीय नौवहन की आजादी बनाए रखने पर जोर दिया है। अंतरराष्ट्रीय नियमों के मुताबिक, ऐसे जलमार्गों में जहाजों के गुजरने पर कोई रोक या टोल नहीं लगाया जा सकता है।

शिपिंग कंपनियों के लिए क्या हैं खतरे

जोखिम विवरण
आर्थिक बोझ जहाजों को अब भारी ट्रांजिट फीस चुकानी पड़ सकती है।
प्रतिबंधों का डर अगर कंपनियां IRGC जैसी संस्थाओं को भुगतान करती हैं, तो उन्हें अमेरिकी प्रतिबंधों का सामना करना पड़ सकता है।
कानूनी विवाद UNCLOS नियम अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों में बिना वजह टोल लेने की अनुमति नहीं देते हैं।
Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.