ईरान के परमाणु ऊर्जा संगठन (AEOI) ने अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) को औपचारिक विरोध पत्र भेजे हैं। 3 अप्रैल 2026 को मिली जानकारी के अनुसार, ईरान ने अपने परमाणु ठिकानों को लगातार निशाना बनाए जाने के खिलाफ यह कड़ा कदम उठाया है। ईरान का मानना है कि उसके शांतिपूर्ण परमाणु कार्यक्रमों पर हमले अंतरराष्ट्रीय कानूनों का सीधा उल्लंघन हैं और इससे पूरे क्षेत्र की सुरक्षा को खतरा हो सकता है।

किन ठिकानों को बनाया गया निशाना और क्या है ईरान का आरोप?

ईरान के अधिकारियों ने दावा किया है कि नतंज (Natanz) परमाणु केंद्र और बुशहर (Bushehr) पावर प्लांट के पास के क्षेत्रों में हमले हुए हैं। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने जानकारी दी है कि इन हमलों में दो बड़ी स्टील फैक्ट्रियां और एक बिजली स्टेशन भी प्रभावित हुआ है। ईरान ने इन कार्रवाइयों के लिए सीधे तौर पर इसराइल और अमेरिका को जिम्मेदार ठहराया है। मार्च 2026 के दौरान अराक (Arak) और यज़्द (Yazd) प्रांत में स्थित परमाणु केंद्रों पर भी हमले की खबरें सामने आई थीं। ईरान का कहना है कि ये हमले जानबूझकर उसकी बुनियादी संरचना को नुकसान पहुँचाने के लिए किए गए हैं।

IAEA की भूमिका और अब तक के प्रमुख घटनाक्रम

तारीख प्रमुख घटनाक्रम
3 मार्च 2026 मोहम्मद इस्लामी ने IAEA प्रमुख को पहला कड़ा पत्र भेजा।
21 मार्च 2026 IAEA ने नतंज हमले की पुष्टि की पर कहा कि रेडिएशन नहीं फैला है।
27 मार्च 2026 ईरान ने हमलों पर IAEA की चुप्पी की आलोचना की।
3 अप्रैल 2026 ईरान ने नए विरोध पत्र भेजकर अंतरराष्ट्रीय हस्तक्षेप की मांग की।

IAEA के महानिदेशक राफेल ग्रॉसी ने सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील की है। हालांकि ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने एजेंसी की प्रतिक्रिया को अपर्याप्त बताया है। ईरान का कहना है कि परमाणु केंद्रों पर हमला करना युद्ध अपराध की श्रेणी में आता है। फिलहाल खाड़ी देशों में बढ़ते तनाव के बीच ईरान अपनी सुरक्षा चिंताओं को लेकर वैश्विक मंच पर लगातार विरोध दर्ज करा रहा है।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com