Iran और United States के बीच समुद्री जहाजों को लेकर विवाद अब United Nations तक पहुँच गया है। ईरान ने अमेरिकी सरकार पर जहाजों को अवैध तरीके से पकड़ने का आरोप लगाया और इसे समुद्री डकैती बताया। इस बीच ईरान ने तनाव कम करने के लिए एक प्रस्ताव भी रखा है, लेकिन अमेरिका इस पर संदेह जता रहा है।

ईरान ने UN से क्यों की शिकायत और क्या हैं मुख्य आरोप?

ईरान के UN दूत Amir Saeid Iravani ने UN महासचिव Antonio Guterres और सुरक्षा परिषद को एक औपचारिक पत्र भेजा है। ईरान का आरोप है कि 19 अप्रैल 2026 को ओमान की खाड़ी में अमेरिकी सेना ने उनके कमर्शियल जहाज ‘Touska’ को जबरन जब्त किया। ईरान के मुताबिक यह कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय नियमों के खिलाफ है और इसे डराने-धमकाने वाला काम बताया गया है। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmaeil Baghaei ने कहा कि अमेरिकी कार्रवाई असल में समुद्री डकैती और सशस्त्र लूट को कानूनी रूप देने जैसा काम है।

सीजफायर का प्रस्ताव और अमेरिका का कड़ा रुख

तनाव को खत्म करने के लिए ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने एक नया प्रस्ताव दिया है। ईरान ने कहा कि अगर अमेरिका अपनी नाकेबंदी (blockade) हटा लेता है, तो वह Strait of Hormuz में अपने हमले रोक देगा। हालांकि, ईरान ने शर्त रखी कि परमाणु कार्यक्रम पर होने वाली चर्चा को कुछ समय के लिए टाल दिया जाए। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया क्योंकि वह परमाणु चर्चाओं को सबसे पहले हल करना चाहते हैं। वहीं, US Treasury Secretary Scott Bessent ने दावा किया कि ‘Operation Fury’ की वजह से ईरान के तेल उद्योग को हर दिन करीब 170 मिलियन डॉलर का नुकसान हो रहा है।

UN और IMO ने इस विवाद पर क्या कहा?

UN महासचिव Antonio Guterres ने Strait of Hormuz को तुरंत फिर से खोलने की अपील की है ताकि जहाजों की आवाजाही बिना किसी डर के हो सके। International Maritime Organization (IMO) के महासचिव Arsenio Dominguez ने साफ कहा कि ईरान के पास इस समुद्री रास्ते को बंद करने या जहाजों से कोई शुल्क लेने का कोई कानूनी आधार नहीं है। उन्होंने चेतावनी दी कि यह स्थिति बहुत संवेदनशील है और इससे नाविकों की सुरक्षा को खतरा हो सकता है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

ईरान ने अमेरिकी कार्रवाई को समुद्री डकैती क्यों कहा?

ईरान के UN दूत Amir Saeid Iravani के अनुसार, US ने बिना किसी कानूनी आधार के उनके जहाज ‘Touska’ को जब्त किया, जो अंतरराष्ट्रीय व्यापार और कानूनों का सीधा उल्लंघन है।

अमेरिका ने ईरान के सीजफायर प्रस्ताव को क्यों ठुकराया?

राष्ट्रपति Donald Trump ने प्रस्ताव इसलिए खारिज किया क्योंकि ईरान ने परमाणु कार्यक्रम पर होने वाली बातचीत को टालने की शर्त रखी थी, जिसे अमेरिका स्वीकार करने को तैयार नहीं है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.