ईरान के विदेश मंत्री Seyed Abbas Araghchi और कतर के प्रधानमंत्री Sheikh Mohammed bin Abdulrahman Al Thani के बीच एक अहम फोन कॉल हुआ। इस बातचीत का मुख्य मकसद अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे युद्ध को खत्म करना और इलाके में तनाव को कम करना था। कतर इस पूरे मामले में एक बीच के रास्ते निकालने वाले देश की भूमिका निभा रहा है ताकि शांति बहाल हो सके।
ईरान और कतर की बातचीत में किन मुद्दों पर चर्चा हुई?
- ईरान के विदेश मंत्री Araghchi ने कतर के प्रधानमंत्री को युद्ध खत्म करने के लिए ईरान की नई कोशिशों और डिप्लोमेटिक कदमों की जानकारी दी।
- कतर के प्रधानमंत्री ने ईरान के इस रुख का स्वागत किया और कहा कि कतर बातचीत को आगे बढ़ाने के लिए तैयार है।
- दोनों नेताओं ने गाज़ा में पिछले दो साल से चल रहे मानवीय संकट और वहां के लोगों की तकलीफों पर गहरी चिंता जताई।
- बातचीत में इस बात पर जोर दिया गया कि क्षेत्रीय देशों का मिलकर काम करना शांति के लिए बहुत जरूरी है।
अन्य देशों की भूमिका और अमेरिका का क्या स्टैंड है?
- पाकिस्तान ने भी इस डिप्लोमेटिक कोशिश में हिस्सा लिया और 25 अप्रैल को Araghchi की मेजबानी की।
- ईरान के विदेश मंत्री ने 26 अप्रैल को Oman के सुल्तान Haitham bin Tariq al-Said से भी मुलाकात की।
- Egypt के विदेश मंत्री Badr Abdel-Aati ने भी ईरान और कतर दोनों के विदेश मंत्रियों से बात की और शांतिपूर्ण समाधान की अपील की।
- वहीं, US राष्ट्रपति Donald Trump ने इस्लामाबाद जाने वाले अपने दूतों की यात्रा रद्द कर दी और कहा कि उन्हें इस बातचीत का कोई मतलब नहीं दिख रहा।
- ईरान ने साफ किया है कि वह दबाव में आकर बातचीत नहीं करेगा और अमेरिका को अपनी रुकावटें दूर करनी होंगी।