Strait of Hormuz में धमाके से दहला इलाका, Iran ने दावा किया दुश्मन के टारगेट को किया नाकाम

हार्मूज जलडमरूमध्य के पास स्थित Qeshm Island पर गुरुवार 6 अगस्त 2026 की रात को अचानक दो बड़े धमाके सुनाई दिए। यह घटना रात के करीब 9:40 बजे की है, जिसके बाद इलाके में खलबली मच गई। ईरान की समाचार एजेंसी Tasnim ने जानकारी दी कि ये धमाके ईरानी नौसेना की ओर से किए गए थे, जिन्होंने समुद्र में आने वाले कुछ 'दुश्मन ठिकानों' को निशाना बनाकर उन्हें रोकने की कोशिश की। ईरानी अधिकारियों के अनुसार, इस पूरे मामले की विस्तृत जानकारी आने वाले कुछ घंटों में साझा की जाएगी।
क्षेत्र में तनाव का माहौल
यह घटना ऐसे समय में हुई है जब खाड़ी के देशों में हालात पहले से ही काफी तनावपूर्ण बने हुए हैं। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmaeil Baqaei ने खुले तौर पर कहा कि इस क्षेत्र में असुरक्षा के पीछे अमेरिका की नीतियां जिम्मेदार हैं। उन्होंने अमेरिका पर ईरान के हितों के खिलाफ आक्रामक कार्रवाई करने और नौसैनिक घेराबंदी करने का आरोप लगाया है। दूसरी ओर, ईरान के उप विदेश मंत्री Kazem Gharibabadi ने ओमान के साथ एक नए अस्थायी समुद्री मार्ग पर बातचीत की पुष्टि की है। यह नया रास्ता अगले दो से चार महीने के लिए तैयार किया जा सकता है, ताकि समुद्र में आवाजाही बनी रहे। ईरान का साफ कहना है कि इस महत्वपूर्ण रास्ते पर किसी भी बाहरी देश का दखल उसे बर्दाश्त नहीं होगा और वह खुद इसकी निगरानी करेगा।
गल्फ देशों को दी चेतावनी
ईरान के वरिष्ठ अधिकारियों ने खाड़ी के देशों को एक कड़ा संदेश भी भेजा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि अमेरिका ईरान पर हमला करना जारी रखता है, तो इसका असर इन देशों के तेल, बिजली और पानी के बुनियादी ढांचे पर भी पड़ सकता है। यह विकासक्रम उस खबर के साथ मेल खाता है जिसमें कहा गया है कि ईरान और ओमान जल्द ही एक नए शिपिंग रूट पर समझौता कर सकते हैं, जिससे ईरान को Strait of Hormuz से गुजरने वाले जहाजों को रेगुलेट करने की सीधी ताकत मिल जाएगी।
इस पूरे घटनाक्रम का सीधा असर वहां काम करने वाले प्रवासी भारतीयों और अन्य लोगों की सुरक्षा पर पड़ सकता है, क्योंकि जलमार्ग में किसी भी प्रकार की अशांति से सप्लाई चेन और सुरक्षा प्रभावित होती है। भारतीय नागरिक जो इस क्षेत्र में कार्यरत हैं, वे स्थिति पर नजर बनाए रखें और स्थानीय प्रशासन की गाइडलाइंस का पालन करें। अभी तक किसी भी प्रकार के नुकसान या हताहत होने की पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन सरकार और सुरक्षा बल पूरी तरह से अलर्ट मोड पर हैं।