ईरान की संसद के स्पीकर Mohammad Bagher Ghalibaf ने हाल ही में Qeshm द्वीप पर हुए अमेरिकी हमले की कड़ी निंदा की है। इस हमले में एक दंपत्ति और उनके दो साल के बच्चे की मौत हो गई, जिसके बाद ईरान ने अमेरिका को सख्त लहजे में चेतावनी दी है। 30 जुलाई 2026 को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपने बयान में Ghalibaf ने कहा कि निर्दोषों का खून बहाने वालों को इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ेगी।

ℹ️: Saudi Oil Facility: सऊदी तेल सुविधाओं पर ड्रोन हमले की कोशिश, सीरियाई राष्ट्रपति ने की निंदा

हमले की जानकारी और ईरान की प्रतिक्रिया

यह हमला Qeshm शहर के Chah-Tango इलाके में स्थित एक आवासीय इमारत को निशाना बनाकर किया गया था। घटना में दो अन्य बच्चे भी घायल हुए हैं, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। ईरान की सरकारी मीडिया IRNA और Fars News Agency के साथ-साथ Hormozgan University of Medical Sciences ने इन मौतों और घायलों की पुष्टि की है।

संसद स्पीकर ने इस घटना को Minab और Lamerd में हुई पुरानी घटनाओं का सिलसिला बताया है। अतीत में Minab के एक स्कूल पर हुए हमले में लगभग 175 लोगों की जान गई थी, जिनमें बड़ी संख्या में बच्चे शामिल थे। अमेरिका ने पहले ही एक जांच में इस घटना के लिए अपनी जिम्मेदारी स्वीकार की थी।

क्षेत्र में बढ़ता तनाव

अमेरिकी सेना ने ईरान के सैन्य कमांड सेंटर्स, मिसाइल और ड्रोन फैसिलिटीज़ को निशाना बनाते हुए बड़े पैमाने पर हमले किए। इन हमलों को जॉर्डन में तैनात अमेरिकी सैनिकों पर हुए ईरान के मिसाइल हमलों का जवाब बताया गया है। इसके अलावा, ईरान के Zanjan प्रांत में भी अमेरिकी हमले में Islamic Revolutionary Guard Corps के तीन सदस्य मारे गए हैं। पूरे क्षेत्र में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है और सऊदी अरब तथा अन्य देशों द्वारा भी रक्षा गठबंधन बनाने की खबरें सामने आ रही हैं।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.