ईरान में जारी ‘रमज़ान वॉर’ ने अब वहां की ऐतिहासिक विरासतों को अपना निशाना बनाना शुरू कर दिया है। अमेरिका और इसराइल के हवाई हमलों की वजह से तेहरान का मशहूर Saadabad Palace बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है। इस जंग की वजह से न केवल आम लोग परेशान हैं, बल्कि दुनिया की पुरानी यादें और इतिहास भी मिटते जा रहे हैं।

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Saadabad Palace और अन्य ऐतिहासिक जगहों का क्या हाल है?

ईरान की सरकारी एजेंसी IRNA ने रिपोर्ट दी है कि Saadabad Palace पर हमलों के गहरे निशान दिख रहे हैं। इससे पहले मार्च 2026 में Golestan Palace को भी भारी नुकसान पहुँचा था, जहाँ हवाई हमलों के झटकों से कांच टूट गए और लकड़ी का काम बर्बाद हो गया। 20 अप्रैल 2026 को विदेशी राजनयिकों और अंतरराष्ट्रीय पत्रकारों ने तेहरान के इन नागरिक इलाकों और ऐतिहासिक केंद्रों का दौरा किया ताकि तबाही का जायजा लिया जा सके।

UNESCO और संयुक्त राष्ट्र ने इस पर क्या कहा?

  • UNESCO: संस्था ने ईरान की ऐतिहासिक जगहों पर बढ़ते खतरे पर चिंता जताई है और पुष्टि की है कि कम से कम चार सांस्कृतिक स्थल क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। UNESCO ने अंतरराष्ट्रीय नियमों का हवाला देते हुए सभी पक्षों को वर्ल्ड हेरिटेज साइट्स के सटीक लोकेशन भेज दिए हैं ताकि उन्हें बचाया जा सके।
  • संयुक्त राष्ट्र: UN प्रवक्ता Stephane Dujarric ने कहा कि आधुनिक युद्धों में आम जनता, नागरिक बुनियादी ढांचे और अनमोल ऐतिहासिक विरासतों को सबसे ज़्यादा कीमत चुकानी पड़ती है।

युद्ध के बीच अमेरिका और ईरान का क्या रुख है?

ईरानी मीडिया इस पूरे संघर्ष को ‘रमज़ान वॉर’ का नाम दे रहा है, जिसमें अमेरिकी और इसराइली एयरस्ट्राइक के कारण भारी नुकसान हुआ है। वहीं, मिडिल ईस्ट में अमेरिका के टॉप मिलिट्री कमांडर Admiral Brad Cooper ने मार्च 2026 में बयान दिया था कि उन्होंने अभी बस शुरुआत की है। इस तनाव के कारण तेहरान के कई हिस्सों में नागरिक संपत्तियों को काफी नुकसान पहुँचा है।