ईरान के सुप्रीम लीडर के प्रतिनिधि अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने ANI से बातचीत में कहा है कि उनका देश सम्मान के साथ बातचीत करने और युद्ध को खत्म करने के लिए तैयार है। उन्होंने साफ किया कि ईरान अपनी रक्षा कर रहा है और वह शांति चाहता है, लेकिन किसी के दबाव में झुककर समझौता नहीं करेगा। हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस प्रस्ताव को ठुकराते हुए कहा है कि अब बहुत देर हो चुकी है क्योंकि ईरान की सैन्य शक्ति को काफी नुकसान पहुँचाया गया है।

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ईरान की क्या हैं शर्तें और ट्रंप ने क्या दिया जवाब?

ईरानी प्रतिनिधि के अनुसार, शांति समझौते के लिए ईरान की कुछ प्रमुख शर्तें हैं। इसमें आर्थिक पाबंदियों को पूरी तरह हटाना और भविष्य में हमले न होने की पक्की गारंटी शामिल है। ईरान का दावा है कि वे केवल अपने अधिकारों की रक्षा कर रहे हैं। दूसरी ओर, राष्ट्रपति ट्रंप ने सोशल मीडिया पर कहा कि ईरान की वायुसेना, नौसेना और नेतृत्व को भारी नुकसान पहुँचा है। अमेरिका और इजरायल ने मिलकर ‘Operation Epic Fury’ के तहत ईरान के मिसाइल ठिकानों और कमांड सेंटरों पर बड़े हमले किए हैं।

दुबई जाने वालों और समुद्री व्यापार पर कैसे पड़ा असर?

इस सैन्य तनाव की वजह से खाड़ी देशों में रहने वाले लोगों और अंतरराष्ट्रीय यात्रियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। सबसे ज्यादा असर हवाई यात्रा और समुद्री रास्तों पर देखा जा रहा है।

  • हवाई उड़ानें रद्द: क्षेत्र में तनाव के कारण 12,000 से ज्यादा फ्लाइट्स रद्द की गई हैं, जिसका सबसे ज्यादा असर दुबई जाने वाले यात्रियों पर पड़ा है।
  • समुद्री रास्ता बंद: होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के बंद होने की खबरें हैं, जिससे व्यापारिक जहाजों की आवाजाही रुक गई है।
  • भारतीय जहाजों पर असर: भारत के झंडे वाले दर्जनों जहाज फिलहाल इस समुद्री रास्ते में फंसे हुए हैं, जिससे सप्लाई चेन प्रभावित होने का डर है।
  • आर्थिक दबाव: ईरान ने स्वीकार किया कि पाबंदियों से मुश्किलें बढ़ी हैं, लेकिन हालात काबू में होने का दावा किया है।

क्या बातचीत से निकलेगा समाधान?

ईरानी प्रतिनिधि ने खुलासा किया कि हमले शुरू होने से ठीक पहले वे ओमान के जरिए अमेरिका से बातचीत कर रहे थे और दोनों पक्ष एक संयुक्त बयान जारी करने वाले थे। उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिका जानबूझकर भारत, चीन और रूस जैसी उभरती ताकतों को रोकने के लिए अशांति फैला रहा है। फिलहाल ईरान ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से इस मामले में तुरंत दखल देने की मांग की है ताकि जंग को रोका जा सके। इजरायल ने भी दावा किया है कि उसने एक बड़े ईरानी कमांडर को निशाना बनाया है, हालांकि इसकी पूरी पुष्टि होना अभी बाकी है।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com