हॉर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरान का बड़ा दावा, कहा- अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी खत्म होने तक हमारा रहेगा अधिकार।

अमेरिका और ईरान के बीच हुआ 60 दिनों का समझौता समाप्त होने के बाद पश्चिम एशिया में तनाव एक बार फिर से काफी बढ़ गया है। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघेई ने आधिकारिक रूप से यह स्पष्ट कर दिया है कि तेहरान का हॉर्मुज जलडमरूमध्य पर पूरा संप्रभु अधिकार है। इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग को लेकर ओमान के साथ बातचीत चल रही है, लेकिन अमेरिका और इस्राइल के कथित हस्तक्षेप के कारण इस प्रक्रिया में लगातार रुकावटें आ रही हैं।
ओमान के साथ बातचीत में आ रही है बड़ी रुकावट
ईरानी प्रवक्ता ने यह जानकारी दी कि ओमान के साथ एक सुरक्षित समुद्री पारगमन मार्ग को लेकर चर्चा जारी है, लेकिन विदेशी दखलअंदाजी की वजह से बात आगे नहीं बढ़ पा रही है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि यह जलडमरूमध्य अब युद्ध से पहले की स्थिति में वापस नहीं लौटेगा। जब तक अमेरिका अपनी नौसैनिक नाकाबंदी और सैन्य धमकियों को पूरी तरह से बंद नहीं करता, तब तक यह जलडमरूमध्य पूरी तरह से ईरानी कमान के अधीन ही रहेगा। इस पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जानकारी ANI News के माध्यम से सामने आई है, जिसमें क्षेत्रीय सुरक्षा और वार्ताओं की जटिलता को उजागर किया गया है।
संयुक्त अरब अमीरात की कड़ी आपत्ति और समुद्री जहाजों पर हमले
इस बीच, संयुक्त अरब अमीरात यानी UAE ने अपने कमर्शियल जहाजों पर हुए हालिया हमलों की कड़ी निंदा की है। यूएई ने इन हमलों को सीधे तौर पर समुद्री डकैती करार दिया है और इसे संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2817 का खुला उल्लंघन बताया है। इन हमलों के पीछे इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स का हाथ बताया जा रहा है, जिससे खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों और कामगारों के मन में सुरक्षा को लेकर चिंता का माहौल बन गया है। भारतीय प्रवासियों और अन्य कामगारों के लिए इस क्षेत्र की स्थिति पर नजर रखना बेहद जरूरी हो गया है, क्योंकि किसी भी बड़े सैन्य तनाव का असर सीधे तौर पर समुद्री व्यापार और उड़ानों पर पड़ता है।
अमेरिका और ईरान के बीच दावों का टकराव
दूसरी तरफ, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लगातार यह दावा कर रहे हैं कि हॉर्मुज जलडमरूमध्य पूरी तरह से अमेरिकी नियंत्रण में है। अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि उनकी नौसैनिक नाकाबंदी की वजह से इस रास्ते से होने वाला समुद्री यातायात बहुत कम हो गया है और यह अपनी क्षमता के एक छोटे से हिस्से पर ही चल रहा है। हालांकि, ईरान के सेना प्रमुख मेजर जनरल अमीर हातम और अन्य न्यायिक अधिकारियों ने अमेरिकी दावों को सिरे से खारिज कर दिया है। ईरानी नेतृत्व ने चेतावनी दी है कि यह पूरा जलक्षेत्र पूरी तरह से ईरान के अधिकार क्षेत्र में आता है और यहां किसी भी बाहरी ताकत की मनमानी नहीं चलने दी जाएगी।