ईरान और इसराइल के बीच तनाव के बीच एक बड़ी खबर सामने आ रही है। नई सैटेलाइट तस्वीरों से पता चला है कि ईरान अपनी उन भूमिगत मिसाइल सुरंगों को फिर से चालू करने में जुटा है जिन्हें अमेरिकी और इसराइल के हमलों में भारी नुकसान पहुंचा था। ताजा रिपोर्ट के अनुसार, 18 अलग-अलग सैन्य ठिकानों पर मौजूद लगभग 50 सुरंगों के प्रवेश द्वारों से मलबे को साफ कर दिया गया है।

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अमेरिका और इसराइल के हमलों से कितना हुआ था नुकसान?

28 फरवरी 2026 को अमेरिका और इसराइल ने मिलकर ईरान के सैन्य ठिकानों पर जोरदार हवाई हमले किए थे। इन हमलों की वजह से ईरान की मिसाइल सुरंगों के दरवाजे मलबे से बंद हो गए थे। लेकिन 8 अप्रैल 2026 को दोनों पक्षों के बीच युद्धविराम लागू होने के बाद, ईरान ने इस समय का फायदा उठाया और मलबे को हटाने का काम तेज कर दिया। सैटेलाइट तस्वीरों में देखा गया है कि ईरान की इंजीनियरिंग टीमें बुलडोजर और बड़े डंप ट्रकों की मदद से सड़कों और रास्तों को साफ कर रही हैं।

ईरान के पास अब भी बची हैं कितनी मिसाइलें?

रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि केवल सुरंग के रास्तों को बंद कर देने से ईरान की मिसाइल क्षमता खत्म नहीं हुई है। जेम्स मार्टिन सेंटर के रिसर्च एसोसिएट सैम लेयर के अनुसार, ईरान के पास जमीन के नीचे बने इस विशाल नेटवर्क में अब भी लगभग 1,000 मिसाइलें सुरक्षित बची हो सकती हैं। 12 मई 2026 तक के आंकड़ों के मुताबिक, ईरान के मशहूर देज़फुल मिसाइल बेस के पांच में से चार रास्तों को दोबारा पूरी तरह खोल दिया गया है। इसका साफ मतलब है कि ईरान अभी भी मिसाइलें दागने की ताकत रखता है।

इस पूरे मामले पर अमेरिका का क्या है रुख?

अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने साफ चेतावनी दी है कि अगर दोनों देशों के बीच कोई स्थायी समझौता नहीं हुआ, तो अमेरिकी सेना दोबारा हमले शुरू करने के लिए पूरी तरह तैयार है। वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 1 जून 2026 को बयान दिया कि उन्हें किसी समझौते के लिए कोई जल्दी नहीं है और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य का समुद्री रास्ता खुला रहेगा। फिलहाल ईरान और अमेरिका के बीच इस रास्ते को लेकर बातचीत का दौर जारी है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

ईरान अपनी मिसाइल सुरंगों को दोबारा क्यों खोल रहा है?

अमेरिकी और इसराइल के हमलों में ईरान की कई सुरंगों के प्रवेश द्वार बंद हो गए थे। हाल ही में हुए युद्धविराम का फायदा उठाकर ईरान अपनी सैन्य ताकत को दोबारा मजबूत करने के लिए मलबे को साफ कर रहा है।

विशेषज्ञों के अनुसार ईरान के पास अभी कितनी मिसाइलें बची हैं?

रक्षा विशेषज्ञों के अनुमान के अनुसार, ईरान के भूमिगत सैन्य नेटवर्क में अब भी लगभग 1,000 मिसाइलें सुरक्षित बची हुई हैं जो हमलों से बची रह गईं।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com