ईरान और अमेरिका के बीच चल रही तनातनी अब एक नए मोड़ पर आ गई है। ईरान के विदेश मंत्रालय ने पुष्टि की है कि अमेरिका ने उनके शांति प्रस्ताव का जवाब दे दिया है, जिसे पाकिस्तान के माध्यम से भेजा गया। दुनिया की नज़रें अब इस बात पर हैं कि क्या यह बातचीत युद्ध को रोकने में कामयाब होगी या तनाव और बढ़ेगा।

ईरान ने अमेरिका के सामने क्या शर्तें रखी हैं?

ईरान ने अपनी 14 पॉइंट की एक योजना अमेरिका को भेजी है। इसमें मुख्य रूप से 30 दिनों के भीतर युद्ध खत्म करने और स्थायी शांति बनाने की मांग की गई है। ईरान की मुख्य मांगों की सूची नीचे दी गई है:

  • सुरक्षा गारंटी: भविष्य में सैन्य हमलों को रोकने की गारंटी और ईरान के आसपास से अमेरिकी सेना की वापसी।
  • आर्थिक राहत: अमेरिकी नौसेना द्वारा लगाई गई नाकाबंदी और प्रतिबंधों को हटाना।
  • संपत्ति की वापसी: ईरान की जमी हुई संपत्तियों को फ्री करना और मुआवज़ा देना।
  • क्षेत्रीय शांति: लेबनान सहित सभी मोर्चों पर युद्ध खत्म करना और Strait of Hormuz के लिए नया ढांचा बनाना।
  • परमाणु मुद्दा: ईरान ने साफ किया है कि परमाणु बातचीत अभी इस चर्चा का हिस्सा नहीं होगी।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का इस पर क्या कहना है?

अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने शनिवार, 2 मई 2026 को बताया कि वह ईरान के 14 सूत्री शांति प्रस्ताव की समीक्षा कर रहे हैं। हालांकि, उन्होंने इस बात पर संदेह जताया और कहा कि उन्हें नहीं लगता कि यह प्रस्ताव स्वीकार्य होगा। ट्रंप ने चेतावनी दी कि अगर ईरान ने गलत व्यवहार किया तो अमेरिका फिर से सैन्य हमले शुरू कर सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान को अब तक अपनी हरकतों की बड़ी कीमत नहीं चुकानी पड़ी है।

Strait of Hormuz में क्या स्थिति है?

तनाव के बीच 3 मई 2026 को Strait of Hormuz के पास एक कार्गो शिप पर छोटे जहाजों ने हमला किया। इस बीच डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिकी नौसेना द्वारा की जा रही नाकाबंदी को एक मुनाफे वाला बिजनेस बताया, जिसे ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmaeil Baghaei ने आपराधिक कदम कहा है। फिलहाल तीन हफ्ते से एक कमजोर युद्धविराम लागू है, लेकिन अमेरिकी नौसेना की नाकाबंदी के कारण ईरान इसे उल्लंघन मान रहा है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

पाकिस्तान की इस पूरी प्रक्रिया में क्या भूमिका है?

पाकिस्तान ईरान और अमेरिका के बीच एक मध्यस्थ (mediator) के रूप में काम कर रहा है। उसने ईरान की शांति योजना को अमेरिका तक पहुँचाया और अमेरिका का जवाब ईरान तक पहुँचाने में मदद की।

क्या ईरान और अमेरिका के बीच अभी युद्धविराम है?

हाँ, पिछले तीन हफ्तों से एक कमजोर युद्धविराम चल रहा है। अमेरिका ने इसे आगे बढ़ाने का ऐलान किया है, लेकिन ईरान का मानना है कि अमेरिकी नौसेना की नाकाबंदी इस समझौते के खिलाफ है।