Strait of Hormuz पर बड़ा विवाद, ईरान ने फिर किया रास्ता बंद, भारतीय जहाजों पर हमले से बढ़ी टेंशन
ईरान और अमेरिका के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है. ईरान के संसद अध्यक्ष Mohammad Bagher Ghalibaf ने दावा किया है कि अमेरिका के सभी प्लान फेल हो गए हैं. अब Strait of Hormuz को लेकर बड़ी खींचतान शुरू हो गई है, जिससे दुनिया भर के व्यापार और खासकर भारत जैसे देशों के लिए चिंता बढ़ गई है.
Strait of Hormuz को लेकर क्या है पूरा विवाद?
ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने पहले ऐलान किया था कि यह समुद्री रास्ता कमर्शियल जहाजों के लिए पूरी तरह खुला है. लेकिन इसके ठीक बाद संसद अध्यक्ष Ghalibaf और IRGC ने इस बात को पलट दिया. उन्होंने कहा कि जब तक अमेरिका ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी करेगा, तब तक यह रास्ता खुला नहीं रहेगा. IRGC ने अब इस रास्ते को फिर से बंद कर दिया है और चेतावनी दी है कि बिना इजाजत आने वाले जहाजों को दुश्मन का मददगार मानकर निशाना बनाया जाएगा.
भारतीय जहाजों पर हमले और दुनिया का क्या कहना है?
18 अप्रैल को Strait of Hormuz में भारतीय झंडे वाले दो जहाजों को निशाना बनाया गया. इस घटना के बाद भारत सरकार ने ईरान के राजदूत को बुलाकर अपनी गहरी चिंता जताई है. दूसरी तरफ अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump का दावा है कि ईरान ने रास्ता न बंद करने का वादा किया था, लेकिन अमेरिकी नाकेबंदी तब तक जारी रहेगी जब तक कोई पक्का समझौता नहीं हो जाता. फ्रांस, ब्रिटेन और ऑस्ट्रेलिया ने भी इस स्थिति पर अपनी प्रतिक्रिया दी है.
ईरान और अमेरिका के बीच तनाव की मुख्य बातें
| मुख्य बिंदु | जानकारी |
|---|---|
| Mohammad Bagher Ghalibaf | कहा कि अमेरिका के सभी सैन्य और रणनीतिक प्लान फेल हो गए |
| IRGC का फैसला | Strait of Hormuz को फिर से बंद कर दिया गया |
| भारत पर असर | दो भारतीय जहाजों पर हमले के बाद राजदूत को तलब किया गया |
| Donald Trump का रुख | ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी जारी रखने का फैसला किया |
| Mojtaba Khamenei | दुश्मनों को नई हार देने के लिए नौसेना को तैयार रखा |
| Kpler डेटा | जहाजों की आवाजाही केवल ईरान की मंजूरी वाले रूट पर सीमित रही |
| Abbas Araghchi | शुरुआत में रास्ते को खुला बताया था |